शिमला: पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार को स्वास्थ्य सेवाओं के मुद्दे पर आड़े हाथों लेते हुए कहा है कि विश्व स्तरीय सुविधाएं देने के बड़े-बड़े दावे करने वाली सरकार के राज में आज पूरी राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था वेंटिलेटर पर है। उन्होंने जिला कुल्लू अस्पताल में एक गर्भवती महिला की हुई दुःखद मृत्यु का हवाला देते हुए अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए और कहा कि राज्य के सबसे बड़े रेफरल अस्पताल शिमला आईजीएमसी में आपातकालीन स्थिति में मरीजों के लिए लिफ्ट तक खराब पड़ी है, जिसके कारण तीमारदारों को अपने मरीजों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को कंधों पर उठाकर ले जाना पड़ रहा है, जो बेहद चिंताजनक और शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि कुल्लू में भी बालीचौकी के सुनारू निवासी एक गर्भवती महिला रजनी शर्मा के उसके इलाज़ में भारी कोताही से मृत्यु का आरोप लगा है। परिजन की बातें और आरोप दिल को झकझोरने वाले हैं।  परिजन न्याय की गुहार लेकर सरकार से यही मांग कर रहे हैं कि आखिर कब तक माताओं बहनों के साथ ऐसा होता रहेगा। इस मामले में अब तक क्या हुआ? दोषियों पर कोई कार्रवाई  क्यों नहीं हुई। इसी तरह जिले सोलन के अस्पताल में भी एक महिला की ऑपरेशन के बाद दुःखद मृत्यु हुई थी और परिजनों ने इलाज में घोर लापरवाही के आरोप लगाए थे। व्यवस्था में सुधार आखिर कब होगा।

जयराम ठाकुर ने टांडा मेडिकल कॉलेज की बदहाली का जिक्र करते हुए कहा कि वहां भी हर रोज कोई न कोई नया बखेड़ा खड़ा रहता है और जिला अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी के चलते छोटी-मोटी गंभीर बीमारियों में भी मरीजों को तुरंत रेफर कर दिया जाता है। लेकिन वहां पर पूरे डिपार्टमेंट के डॉक्टर्स का तबादला कर दिया जाता है। आईजीएमसी में भी एक डॉक्टर के मरीज से दुर्व्यवहार पूरे देश में चर्चा में रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि नेरचौक मेडिकल कॉलेज में पिछले चार साल से रोगी कल्याण समिति की बैठक तक नहीं हुई है और स्वास्थ्य मंत्री ने आज तक वहां जाकर सुध लेने की जहमत नहीं उठाई, जबकि शिमला के चम्मियाना सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भी अव्यवस्था के कारण जनता हर दिन परेशान हो रही है।

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