शिमला। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधायक बलबीर वर्मा ने शिमला जिला परिषद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के चुनाव को लेकर कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार नहीं बल्कि “हिटलरशाही” की मानसिकता से शासन चलाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिमला जिला परिषद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के चुनाव को प्रभावित करने और टालने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है।
वर्मा ने कांग्रेस सरकार को खुली चुनौती देते हुए कहा, “अगर सरकार में दम है तो आज ही शिमला जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव की तारीख घोषित करे। भाजपा के 13 समर्थित जिला परिषद सदस्य पूरी मजबूती से हमारे साथ हैं और इसके अतिरिक्त तीन अन्य जिला परिषद सदस्य भी भाजपा के संपर्क में हैं। चुनाव होगा तो वास्तविक संख्या बल सबके सामने आ जाएगा।”
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार को अपनी राजनीतिक हार साफ दिखाई दे रही है और इसी कारण चुनाव करवाने के बजाय जिला परिषद सदस्यों पर दबाव बनाने की रणनीति अपनाई जा रही है। सत्ता और प्रशासनिक तंत्र के माध्यम से सदस्यों को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन कांग्रेस सरकार की यह रणनीति सफल नहीं होगी।
बलबीर वर्मा ने कहा कि भाजपा के 13 समर्थित जिला परिषद सदस्य हाईकोर्ट गए हैं और वहां सरकार को जवाब देना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि 17 अगस्त को हाईकोर्ट द्वारा सरकार से जवाब तलब किया गया है। लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सरकार अपनी राजनीतिक सुविधा के अनुसार अनिश्चितकाल तक नहीं रोक सकती।
उन्होंने कहा, “चुनाव तो सरकार को करवाना ही होगा। चाहे कोर्ट के आदेश पर करवाए या फिर लोकतांत्रिक आदर्शों और मर्यादाओं को ध्यान में रखते हुए स्वयं चुनाव करवाए। सरकार जितना चुनाव से भागेगी, उतना ही यह स्पष्ट होगा कि कांग्रेस को अपने संख्या बल पर भरोसा नहीं है।”
वर्मा ने कहा कि जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का फैसला किसी सरकार की इच्छा से नहीं बल्कि निर्वाचित जिला परिषद सदस्यों के लोकतांत्रिक मतदान से होना चाहिए। अगर कांग्रेस के पास बहुमत है तो उसे चुनाव करवाने से डर किस बात का है?
उन्होंने कहा कि भाजपा के 13 समर्थित जिला परिषद सदस्य मजबूती से खड़े हैं और तीन अतिरिक्त जिला परिषद सदस्य भाजपा के संपर्क में हैं। यही राजनीतिक स्थिति कांग्रेस सरकार की बेचैनी का सबसे बड़ा कारण है।
बलबीर वर्मा ने कहा, “हम कांग्रेस सरकार को स्पष्ट चुनौती देते हैं—दबाव की राजनीति बंद कीजिए, प्रशासन का राजनीतिक इस्तेमाल मत कीजिए और तत्काल चुनाव घोषित कीजिए। भाजपा के 13 समर्थित जिला परिषद सदस्य हमारे साथ हैं और तीन अतिरिक्त सदस्य हमारे संपर्क में हैं। चुनाव करवाइए, दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।”
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार लोकतांत्रिक जनादेश को प्रशासनिक दबाव से नहीं बदल सकती। शिमला जिला परिषद का फैसला बंद कमरों में नहीं, लोकतांत्रिक मतदान से होगा और भाजपा चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है।
