कांग्रेस सरकार में नशा माफिया के हौसले बुलंद, पुलिस ही सुरक्षित नहीं तो आम जनता की सुरक्षा कौन करेगा : राकेश जमवाल
शिमला। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक राकेश जमवाल ने कुल्लू जिले की लग घाटी के जकरेहड़ क्षेत्र में चरस तस्करी के आरोपियों को पकड़ने गई पुलिस टीम पर भीड़ द्वारा हमला करने और आरोपियों को जबरन छुड़ाकर ले जाने की घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, चिंताजनक और प्रदेश की कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बताया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार में अपराधियों और नशा माफिया के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब कानून की रक्षा करने वाली पुलिस को भी खुलेआम निशाना बनाया जा रहा है।
राकेश जमवाल ने कहा कि प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर दो संदिग्ध व्यक्तियों को रोककर उनके कब्जे से चरस बरामद की थी, लेकिन इसी दौरान लगभग 40 लोगों की भीड़ ने पुलिस टीम पर हमला कर आरोपियों को छुड़ा लिया। आरोप है कि इस भीड़ में एक महिला पंचायत प्रधान भी शामिल थी। पुलिस द्वारा मौके से 508 ग्राम चरस बरामद करना इस मामले की गंभीरता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस की वैधानिक कार्रवाई में इस प्रकार बाधा उत्पन्न की जाएगी तो प्रदेश में नशे के कारोबार पर अंकुश कैसे लगेगा?
भाजपा मुख्य प्रवक्ता ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर सरकार के बड़े-बड़े दावे जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाते। मुख्यमंत्री स्वयं गृह विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, ऐसे में इस घटना की नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी से वह बच नहीं सकते। उन्होंने सवाल किया कि आखिर अपराधियों में कानून का भय क्यों समाप्त होता दिखाई दे रहा है? पुलिस पर हमला करने वालों को इतना दुस्साहस कहां से मिल रहा है?
जमवाल ने कहा कि हिमाचल का युवा पहले ही चिट्टे और अन्य नशीले पदार्थों की बढ़ती समस्या से जूझ रहा है। ऐसे समय में नशा तस्करी के आरोपियों को पुलिस हिरासत से छुड़ाने जैसी घटनाएं बेहद खतरनाक संदेश देती हैं। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल भाषणों और घोषणाओं से नहीं जीती जा सकती, इसके लिए मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति, निष्पक्ष कार्रवाई और पुलिस का मनोबल बढ़ाना आवश्यक है।
उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि इस पूरे मामले में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की पहचान कर तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए, फरार आरोपियों को दोबारा पकड़ा जाए तथा पुलिस टीम पर हमले की निष्पक्ष जांच हो। यदि किसी भी स्तर पर राजनीतिक संरक्षण या दबाव की बात सामने आती है तो उसकी भी जांच होनी चाहिए।
राकेश जमवाल ने कहा कि कांग्रेस सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि जब प्रदेश में पुलिसकर्मी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की गारंटी कौन देगा? भाजपा नशे के खिलाफ लड़ाई में पुलिस के साथ खड़ी है और प्रदेश की युवा पीढ़ी के भविष्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।
