बजट 2026-27 में देश व देवभूमि में इंफ्रास्ट्रक्चर सुदृढ़ीकरण का खास ख्याल: अनुराग सिंह ठाकुर
18 फरवरी 2026, पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि मोदी सरकार भारत व हिमाचल में विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है और बजट 2026-27 में देश व देवभूमि में इंफ्रास्ट्रक्चर सुदृढ़ीकरण का खास ख्याल रखा गया है।
श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा “ मोदी सरकार ने बजट 2026-27 में विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाया है, जिसमें हाइवे , रेलवे, रणनीतिक कनेक्टिविटी कॉरिडोर और देश भर में लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में निरंतर निवेश किया गया है। पूंजीगत व्यय और कनेक्टिविटी विस्तार पर निरंतर जोर खासकर हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी और सीमावर्ती राज्यों में आर्थिक विकास को मजबूत करते हुए रोजगार के अवसर पैदा कर रहा है। विगत 12 वर्षों में हिमाचल को केंद्र से कर हस्तांतरण, अनुदान सहायता और समर्पित पूंजी निवेश सहायता के माध्यम से महत्वपूर्ण वित्तीय और इंफ्रास्ट्रक्चर समर्थन मिलता रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए हिमाचल प्रदेश को कर हस्तांतरण
के तहत ₹13,949 करोड़ आवंटित किए गए हैं, जबकि कई केंद्र समर्थित इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यक्रमों के तहत पर्याप्त सहायता जारी है। पिछले दशक में हिमाचल प्रदेश को कर देवोल्यूशन के माध्यम से लगभग ₹76,799 करोड़ और अनुदान सहायता के रूप में ₹1.41 लाख करोड़ से अधिक प्राप्त हुए हैं, जो केंद्र की राज्य के विकास के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है”
श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि “राज्यों को पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता योजना, जो इंफ्रास्ट्रक्चर सृजन के लिए 50 वर्षीय ब्याज-मुक्त ऋण प्रदान करती है, ने राज्य की विकास क्षमता को काफी मजबूत किया है। इस पहल के तहत अकेले 2020-21 से जनवरी 2026 तक हिमाचल प्रदेश को ₹8,309 करोड़ से अधिक प्राप्त हुए हैं, जिससे सड़कों, सार्वजनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास परियोजनाओं में बड़े पैमाने पर निवेश संभव हुआ है। हिमाचल में इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण में एक प्रमुख मील का पत्थर महत्वाकांक्षी भानुपल्ली-बिलासपुर-मनाली-लेह रेलवे लाइन है, जो हिमालयी क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बदलने वाली राष्ट्रीय रणनीतिक परियोजना है। इस प्रमुख परियोजना के साथ, हिमाचल प्रदेश में लगभग 255 किमी की चार नई रेलवे ट्रैक परियोजनाएं ₹13,000 करोड़ से अधिक की निवेश के साथ वर्तमान में चल रही हैं, जो राज्य में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के ऐतिहासिक विस्तार को चिह्नित करती हैं।
रेलवे आधुनिकीकरण भी प्रमुख स्टेशनों जैसे अंब इंदौरा, बैजनाथ पपरोला, पालमपुर हिमाचल और शिमला के अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकास से दिखाई दे रहा है, जबकि अंब इंदौरा और नई दिल्ली के बीच वंदे भारत सेवा की शुरुआत ने यात्रियों के लिए उच्च गति कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाया है”
श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के तेज विस्तार पर प्रकाश डाला
“भारत सरकार का सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर पर निरंतर फोकस हिमाचल प्रदेश की कनेक्टिविटी को मजबूत कर रहा है। राज्य में पहले से ही 2,607 किमी से अधिक राष्ट्रीय राजमार्ग विकसित हो चुके हैं, जबकि भारतमाला परियोजना के तहत लगभग ₹9,964 करोड़ की परियोजनाएं 167 किमी के रणनीतिक राजमार्ग कॉरिडोर को कवर करती हैं। हाल ही में उद्घाटित किरतपुर-नेरचौक खंड NH-21, जो लगभग ₹3,400 करोड़ के निवेश से बनाया गया है, उसने यात्रा समय को काफी कम किया है और प्रदेशवासियों तथा उद्योगों के लिए लॉजिस्टिक्स दक्षता में सुधार किया है।
अटल टनल, रोहतांग जैसे ऐतिहासिक इंजीनियरिंग उपलब्धियां, जो अपनी ऊंचाई पर दुनिया की सबसे लंबी राजमार्ग सुरंग हैं, ने हिमाचल प्रदेश की कनेक्टिविटी परिदृश्य को हमेशा के लिए बदल दिया है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में हर मौसम पहुंच सुनिश्चित हुई है और पर्यटन तथा आर्थिक गतिविधियां बढ़ी हैं”
श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि “केंद्र सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर सृजन के लिए रिकॉर्ड संसाधन आवंटित कर रही है, कई परियोजनाओं के लिए राज्य सरकार से समय पर मंजूरियां और कार्यान्वयन समर्थन की आवश्यकता है। उन्होंने राज्य सरकार से अपील की कि वे तेज भूमि अधिग्रहण, मिलान फंडिंग और प्रशासनिक मंजूरियां सुनिश्चित करें ताकि केंद्र द्वारा वित्त पोषित इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा में पूरी हों और हिमाचल प्रदेश के लोग इन निवेशों से पूर्ण लाभ उठा सकें”
श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर-नेतृत्व वाला विकास हिमाचल के आर्थिक भविष्य को बदल देगा
इंफ्रास्ट्रक्चर पुश के दीर्घकालिक प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि नई रेल कॉरिडोर, आधुनिक राजमार्ग, UDAN योजना के तहत हवाई अड्डा विस्तार और भानुपल्ली-बिलासपुर-मनाली-लेह रेल लाइन जैसी रणनीतिक परियोजनाएं सामूहिक रूप से हिमाचल प्रदेश को हिमालयी क्षेत्र में प्रमुख पर्यटन, लॉजिस्टिक्स और आर्थिक केंद्र में बदल देंगी। उन्होंने दोहराया कि केंद्र सरकार संतुलित क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और भारत तथा हिमाचल प्रदेश में अभूतपूर्व इंफ्रास्ट्रक्चर निवेशों के माध्यम से कनेक्टिविटी, आर्थिक अवसर और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अथक प्रयास कर रही है”
