मंत्रिमंडल की बैठकों में लिए गए 1039 निर्णय पूरी तरह कार्यान्वितः जगत सिंह नेगीराजस्व एवं बागवानी मंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडलीय उप-समिति की बैठक
शिमला 26 सितम्बर, 2025 राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रिमंडलीय उप-समिति की बैठक आयोजित हुई। इस…
पौधों की जीवित रहने की दर के आधार पर समूहों को दी जाएगी प्रोत्साहन राशि
शिमला 26 सितम्बर, 2025 हरित भविष्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने 100 करोड़ रुपये के प्रावधान के साथ समुदायिक-सहभागिता आधारित राजीव गांधी वन संवर्धन योजना…
हिमाचल की जूनियर व सीनियर “सी” टीम विजयवाड़ा रवाना
हमीरपुर, 26 सितंबर। हिमाचल प्रदेश की जूनियर एवं सीनियर सी योगासन खेल टीम छठी राष्ट्रीय स्तरीय योगासन खेल प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए आज हमीरपुर से विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश)…
प्रदेश सरकार की पहल से 4.33 लाख राजस्व मामलों का हुआ समाधानप्रदेश सरकार पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध
शिमला 26 सितम्बर, 2025 मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में सुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रदेश सरकार ने लोगों के लंबे समय से लंबित राजस्व…
मानसून सीजन में प्रदेश को 5 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसानः राजस्व मंत्रीएमआईएस के तहत बागवानों से 67 हजार मीट्रिक टन सेब की खरीद
राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज यहां पत्रकार वार्ता में कहा कि केंद्र ने प्रदेश को 1500 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की…
कांग्रेस को न तो उनके पुनर्वास की चिंता की और न ही आवास की : बिंदल
सिरमौर, सेवा पखवाड़े के अंतर्गत पांवटा ब्लाॅक के हरिपुर क्षेत्र में विशाल स्वास्थ्य शिविर लगाया गया जिसमें हर प्रकार की स्वास्थ्य जांच के साथ-साथ पूरी औषधियां उपलब्ध करवाई गई। इस…
शिमला। विलुप्त हो रही दुर्लभ प्रजाति के पौधे बोझ पत्र को जिंदा करने के लिए जाइका वानिकी परियोजना को सफलता मिली है। हिमाचल प्रदेश में पहली बार इस प्रजाति के पौधों की नर्सरी तैयार करने से लेकर पौधरोपण तक सफलता मिली है। जाइका वानिकी परियोजना ने हिमालयन फोरेस्ट रिसर्च इन्टीच्यूट शिमला के सहयोग से पहली बार बोझ पत्र की नर्सरी तैयार करवाई ताकि इस दुर्लभ प्रजाति एवं सांस्कृतिक पौधों को पुनः रोपित कर उनके प्राकृतिक स्थलों पर पौधरोपण अभियान के माध्यम से लगाया जा सके। इस दिशा में जाइका वानिकी परियोजना बेहतरीन कार्य कर रही है। बोझ पत्र की संभावनाओं को देखते हुए जिला किन्नौर में पहली बार 15 सौ पौधे रोपे गए। वन मंडल किन्नौर के अंतर्गत तरांडा, निगुलसरी और जानी में क्रमशः पांच सौ-पांच सौ पौधे बोझ पत्र के रोपे गए। बोझ पत्र की संभावना के मद्देनजर वीरवार को वन परिक्षेत्र निचार स्थित भावानगर में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हिमालयन फोरेस्ट रिसर्च इन्टीच्यूट शिमला के निदेशक प्रभारी डा. संदीप शर्मा, वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. पितांबर नेगी और तकनीकी अधिकारी ज्वाला सिंह ने बोझ पत्र के पौधरोपण से लेकर उनके संरक्षण पर विस्तृत जानकारी दी।
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के परिधि और विश्राम गृहों के रख-रखाव के लिए एक विस्तृत चेक लिस्ट तैयार की है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने…
हिमाचल में पहली बार जाइका ने रोपे बोझ पत्र के 1500 पौधे- दुर्लभ प्रजाति बोझ पत्र को जिंदा करने में मिली सफलता-किन्नौर के निचार, तरांडा और जानी में रोपे पांच-पांच सौ पौधे-ग्रामीणों को कार्यशाला के माध्यम से किया जागरुक
शिमला। विलुप्त हो रही दुर्लभ प्रजाति के पौधे बोझ पत्र को जिंदा करने के लिए जाइका वानिकी परियोजना को सफलता मिली है। हिमाचल प्रदेश में पहली बार इस प्रजाति के पौधों…
उप-मुख्य सचेतक ने एनएचपीसी अध्यक्ष से भेंट की
शिमला 25 सितम्बर, 2025 उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया आज नई दिल्ली में एनएचपीसी के अध्यक्ष भूपेन्द्र गुप्ता से शिष्टाचार भेंट की।उन्होंने एनएचपीसी और एसजेवीएनएल के अध्यक्ष एवं…
नशे की रोकथाम के लिए एंटी-चिट्टा वालंटियर योजना होगी शुरूएक हजार से अधिक वालंटियर किए जाएंगे तैनात
शिमला 25 सितम्बर, 2025 प्रदेश सरकार नशे की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान को और सशक्त बनाने के लिए एंटी-चिट्टा वालंटियर योजना (एसीवीएस) आरम्भ करने जा…
