आयुर्वेद केवल उपचार पद्धति नहीं, स्वस्थ जीवनशैली का आधार; जन-जन तक पहुंचाना हमारा संकल्प : डॉ. लोकश ममगई
भारतीय जनता पार्टी आयुष चिकित्सक प्रकोष्ठ, जिला सोलन द्वारा 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस एवं सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत नगर निगम हॉल, ठोडो मैदान, सोलन में निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता आयुष चिकित्सक प्रकोष्ठ के जिला संयोजक डॉ. लोकश ममगई ने की।
कार्यक्रम में सुषमा शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं, जबकि जिला परिषद अध्यक्षा कुमारी शीला, समस्त प्रकोष्ठों के संयोजक पुरुषोत्तम गुलेरिया तथा सोलन के उप-महापौर गौरव राजपूत विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्षा रश्मिधर सूद विशेष रूप से कार्यक्रम में उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम में आयुष चिकित्सक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक डॉ. अशोक शर्मा, प्रदेश सह-संयोजक डॉ. सुरेन्द्र परमार, सोलन विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत तीनों मंडलों के अध्यक्ष, नेहा ठाकुर, संजीव मोहन, लक्ष्मी ठाकुर, संजीव पराशर, अरुष गुप्ता, विशाखा सहित भाजपा समर्थित पार्षद एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
शिविर के दौरान नागरिकों के स्वास्थ्य की निःशुल्क जांच की गई तथा आवश्यकता के अनुसार निःशुल्क दवाइयां वितरित की गईं। लोगों को आयुर्वेद आधारित दिनचर्या, रोग प्रतिरोधक क्षमता, पाचन स्वास्थ्य, तनावमुक्त जीवन तथा प्राकृतिक एवं समग्र स्वास्थ्य के संबंध में भी जागरूक किया गया।
डॉ. लोकश ममगई ने कहा कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य परंपरा है, जिसका उद्देश्य केवल बीमारी का उपचार करना नहीं बल्कि स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य की रक्षा और संतुलित जीवनशैली को बढ़ावा देना भी है। उन्होंने कहा कि बदलती जीवनशैली के दौर में योग, संतुलित आहार, उचित दिनचर्या और आयुर्वेद के सिद्धांतों को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की आयुष परंपराओं को राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है। आयुर्वेद को आधुनिक अनुसंधान, साक्ष्य आधारित चिकित्सा और जनस्वास्थ्य से जोड़ने की दिशा में भी लगातार कार्य हो रहा है।
उल्लेखनीय है कि 23 सितंबर 2026 को देशभर में 11वां आयुर्वेद दिवस “Ayurveda for a Healthier Tomorrow — स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद” थीम के साथ मनाया जा रहा है। केंद्रीय आयुष मंत्रालय के अनुसार इस वर्ष का विशेष जोर साक्ष्य, अनुसंधान, नवाचार और सामुदायिक स्वास्थ्य पर है।
वक्ताओं ने कहा कि इस प्रकार के निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों का उद्देश्य आयुर्वेद को जन-जन तक पहुंचाने के साथ लोगों को उपचार से पहले रोगों की रोकथाम और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना है। भविष्य में भी आयुष चिकित्सक प्रकोष्ठ द्वारा समाज के विभिन्न वर्गों के लिए स्वास्थ्य जागरूकता एवं सेवा कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
