शिमला : हिमाचल प्रदेश विधानसभा में प्रश्नकाल के बाद नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने राष्ट्रगान के कथित अपमान को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर तीखा हमला बोला और कहा कि मुख्यमंत्री पूरी तरह झूठ बोल रहे हैं, जिसके लिए उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ेगी। जयराम ठाकुर ने विधानसभा अध्यक्ष से मांग की कि सदन के भीतर बीते रोज गाए गए राष्ट्रगान का वीडियो जारी कर उसे दिखाया जाए ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके कि वास्तव में किसी भाजपा विधायक ने राष्ट्रगान का अनादर किया है या मुख्यमंत्री राजनीतिक लाभ के लिए झूठ फैला रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा के किसी भी विधायक ने राष्ट्रगान का अपमान नहीं किया है और इसे एक बेहद गंभीर मुद्दा बताते हुए सदन के अंदर और बाहर भाजपा विधायकों के साथ पुरजोर प्रदर्शन किया।
नेता प्रतिपक्ष ने पलटवार करते हुए कहा कि राष्ट्रगीत का वास्तविक अपमान स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कांग्रेस मुख्यालय में झंडा फहराने के दौरान हुआ था, जबकि इससे पहले 1937 में कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ को भी खंडित करने का काम किया गया था। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि यह देश किसी कांग्रेस वर्किंग कमेटी के फरमान से नहीं, बल्कि केवल संविधान से चलेगा। इसलिए मुख्यमंत्री को अपने निराधार आरोपों को वापस लेकर तुरंत सदन और प्रदेश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल विधानसभा में ये पहली बार हुआ है कि विपक्ष सदन चलाने के लिए मांग कर रहा है और सत्ता पक्ष वाकआउट करके बाहर भाग रहा है। सुबह सदन व्यवधान के बाद दो बजे फिर कार्यवाही शुरू हुई तो अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को बोलने का अवसर दिया लेकिन इस बीच सत्ता पक्ष के ही विधायक उठकर बाहर जाने लगे, और बाद में मुख्यमंत्री भी उठकर बाहर चले गए जबकि विपक्ष के सभी सदस्य वहीं अपनी सीटों पर ही बैठे रहे। जब सत्तापक्ष बाहर नारेबाज़ी करने लगा तो हम अध्यक्ष के आफिस के बाहर धरना देने पहुंचे कि सदन चलाया जाए लेकिन अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री के दबाव में सदन सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया। जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा विधायक दल के सदस्यों ने स्पीकर को स्पष्ट कर दिया है कि यदि वह वीडियो हमें नहीं दिया गया तो हम बाकी विकल्प की तरफ़ जाएँगे, राज्यपाल महोदय के समक्ष अपनी बात रखेंगे और माननीय न्यायालय में भी अपनी बात रखेंगे। ये बहुत गंभीर मामला है, इसलिए भाजपा विधायक दल 21 अगस्त के सदन के अंदर शुरुआत में हुए राष्ट्रगान के उस वीडियो की माँग करता है क्योंकि वह वीडियो क्लिप विधानसभा की संपत्ति है और जन प्रतिनिधियों का ये अधिकार है।
हम मुख्यमंत्री के झूठ को फिर से बेनकाब करके रहेंगे, जिसके लिए भाजपा विधायक दल ने विधानसभा के सचिव को पत्र लिखकर उस वीडियो क्लिप की माँग भी की है लेकिन अभी तक हमें उपलब्ध नहीं करवाया गया है। अगर वह झूठ नहीं बोल रहे हैं तो वीडियो जारी करने से क्यों भाग रहे हैं। इससे पूर्व सुबह सदन जाते हुए भाजपा विधायक दल ने पंचायतीराज संस्थाओं को कमजोर करने के आरोप लगाते हुए तख्तियाँ लेकर सदन के गेट तक प्रदर्शन किया और इस दौरान भाजपा विधायकों ने ‘पंचायतीराज संस्थाओं का राजनीतिक शोषण बंद करो’ के जोरदार नारे भी लगाए।
