शिमला 15 अप्रैल, 2026
राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने हिमाचल दिवस के शुभ अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
राज्यपाल ने कहा कि 15 अप्रैल, 1948 का दिन राज्य के इतिहास में एक महत्त्वपूर्ण मील पत्थर है, क्योंकि इसी दिन 30 छोटी-बड़ी पहाड़ी रियासतों के विलय से हिमाचल प्रदेश का गठन हुआ था। उन्होंने कहा कि यह दिन न केवल ऐतिहासिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण है, बल्कि लोगों की एकता, समर्पण और सामूहिक संकल्प की भावना का प्रतीक भी है।
राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सदैव ही देशभक्ति और बलिदान में अग्रणी रहा है इसलिए इसे वीर भूमि भी कहा जाता है। उन्होंने प्रदेश के सभी वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने देश की रक्षा में अदम्य साहस और सर्वाेच्च बलिदान का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर प्रदेशवासी इन वीरों की वीरता और समर्पण को नमन करते हैं।
श्री गुप्ता ने कहा कि आज राज्य अपना 79वां हिमाचल दिवस मना रहा है, जो कि अत्यंत गर्व का विषय है। सीमित भौगोलिक क्षेत्र होने के बावजूद हिमाचल प्रदेश ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक कल्याण, आधारभूत संरचना विकास और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्रों में राज्य ने पूरे देश में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने इन उपलब्धियों का श्रेय प्रदेश के नागरिकों की मेहनत, दृढ़ संकल्प और दूरदर्शी नेतृत्व को दिया।
राज्यपाल ने नागरिकों से समाज के कल्याण के लिए सामूहिक रूप से कार्य करते हुए हिमाचल को नशामुक्त राज्य बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देवभूमि की गरिमा तभी बनी रह सकती है, जब युवा वर्ग नशे की बुराई से दूर रहकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाए और जिम्मेदार नागरिक बनें।
उन्होंने कहा कि हिमाचल दिवस सभी को राज्य के समावेशी विकास के लिए मिलकर काम करने और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध हिमाचल की मजबूत नींव रखने की प्रेरणा देता है।
