शिमला 09 अप्रैल, 2026
उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व में राज्य की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए उठाए गए ठोस क़दमों के ऐतिहासिक और सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने राज्य में शिक्षा को आधुनिक, डिजिटल और गुणवत्तापूर्ण बनाने की पहल की है। एनईपी-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन से शिक्षा के स्तर में निरंतर सुधार हुआ है। एनईपी की टीम द्वारा भी हिमाचल की शिक्षा व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए निर्णयों की सराहना की गई है।
केवल सिंह पठानिया ने कहा कि प्रदेश में लगभग 151 स्कूलों में आरम्भ किए गए सीबीएसई पाठ्यक्रम के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। इससे विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पटल पर अपनी पहचान बनाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि स्कूलों के समेकन के बाद खाली भवनों को डिजिटल लर्निंग सेंटर, प्री-प्राइमरी कक्षाओं, स्किल डेवलपमेंट लैब, खेल सुविधाओं और सामुदायिक केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है। साथ ही समग्र शिक्षा के अंतर्गत जारी धनराशि का समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित कर शिक्षा में वास्तविक सुधार लाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं की पारदर्शिता के लिए सभी परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी निगरानी अनिवार्य कर दी गई है तथा डिजिटल मॉनिटरिंग प्रणाली को सुदृढ़ किया गया है। इसके अतिरिक्त शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को तेज किया जा रहा है और बेहतर परिणाम न देने वाले शिक्षकों के प्रति सख्त रुख अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल योजना के तहत आधुनिक सुविधाओं से युक्त विद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे सरकारी विद्यालयांे का स्तर लगातार बेहतर हो रहा है।
केवल सिंह पठानिया ने कहा कि व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देते हुए हिमाचल प्रदेश ने एनसीवीईटी से ‘ड्यूल कैटेगरी’ मान्यता प्राप्त कर देश में दूसरा स्थान हासिल किया है। इसके तहत हॉर्टिकल्चर आधारित व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू किया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों को रोज़गारपरक कौशल प्राप्त होंगे और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
केवल सिंह पठानिया ने कहा कि मुख्यमंत्री के दूरदर्शी एवं कुशल नेतृत्व में शिक्षा क्षेत्र में हो रहे ये सभी सुधार प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रख रहे हैं और राज्य को देश के अग्रणी शिक्षा राज्यों में स्थापित कर रहे हैं।
