पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत लाखों लाभार्थी, फिर भी पारदर्शिता और वितरण पर उठे गंभीर प्रश्न
शिमला,
भाजपा राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने राज्यसभा में हिमाचल प्रदेश में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के तहत गरीबों को मिल रहे राशन और उसके क्रियान्वयन की स्थिति को लेकर महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा देशभर में गरीबों को खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक प्रावधान किए गए हैं, लेकिन हिमाचल प्रदेश में इसके क्रियान्वयन को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
राज्यसभा में दिए गए आधिकारिक उत्तर के अनुसार हिमाचल प्रदेश में:
• APL (Above Poverty Line) लाभार्थी: 6,36,101
• PHH (Priority Household) लाभार्थी: 22,18,560
• कुल लाभार्थी: 28,54,661
हर्ष महाजन ने कहा कि इतने बड़े स्तर पर लाभार्थियों की संख्या होने के बावजूद यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि हर पात्र व्यक्ति तक योजना का पूरा लाभ पहुंचे।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की इस योजना के तहत अंत्योदय अन्न योजना (AAY) और प्राथमिकता परिवारों (PHH) को प्रति व्यक्ति प्रति माह 5 किलोग्राम मुफ्त अनाज उपलब्ध कराया जा रहा है, जो देश के गरीब वर्ग के लिए बड़ी राहत है।
महाजन ने यह भी जानकारी दी कि वित्त वर्ष 2025-26 में हिमाचल प्रदेश के लिए इस योजना के तहत ₹47.38 करोड़ का खाद्य सब्सिडी व्यय (18 मार्च 2026 तक) जारी किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि यह राशि सीधे तौर पर गरीबों के हित में केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्यों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने, परिवहन लागत, उचित मूल्य की दुकानों के मार्जिन और अन्य व्यवस्थाओं के लिए भी आर्थिक सहायता प्रदान करती है, ताकि किसी भी लाभार्थी को राशन से वंचित न रहना पड़े।
हर्ष महाजन ने प्रदेश सरकार से सवाल उठाए:
• क्या सभी 28.54 लाख लाभार्थियों तक नियमित और समय पर राशन पहुंच रहा है?
• क्या वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और निगरानी सुनिश्चित है?
• क्या दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले पात्र परिवारों को पूरा लाभ मिल पा रहा है?
उन्होंने कहा कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में वितरण प्रणाली की चुनौतियां अलग हैं, इसलिए राज्य सरकार को और अधिक सक्रिय होकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि केंद्र की इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
अंत में उन्होंने कहा कि भाजपा गरीबों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और यदि कहीं भी योजना के क्रियान्वयन में कमी पाई जाती है तो उसे उजागर किया जाएगा।
“केंद्र सरकार गरीबों को मुफ्त राशन दे रही है, लेकिन यह सुनिश्चित करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि हिमाचल के हर पात्र परिवार तक इसका पूरा लाभ पहुंचे।”
