हिमाचल उत्सव का आगाज परंपरागत पूजा-अर्चना से, पहले दिन पहुंचेगी सितारों की चमक

सोलन। डायनामिक इंडिया युवा मंडल द्वारा आयोजित हिमाचल प्रदेश का सबसे बड़ा गैर-सरकारी मेला 21वां हिमाचल उत्सव रविवार को ऐतिहासिक ठोडो मैदान में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ शुरू हुआ। पारंपरिक…

फर्जीसंगठनपरयोगासनसंघकाप्रहार – खिलाड़ियोंकीसुरक्षाहेतुसरकारसेसख्तकार्रवाईकीमांग

शिमला/कांगड़ा, 14 सितम्बर 2025 हिमाचल प्रदेश योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन ने प्रदेश सरकार से कड़े शब्दों में मांग की है कि कांगड़ा में 13-14 सितम्बर को आयोजित की जाने वाली फर्जी योगा चैम्पियनशिप को तुरंत निरस्त किया जाए तथा दोषी तत्वों के विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए। संघ ने कहा कि यह केवल संगठनात्मक धोखाधड़ी का मामला नहीं है बल्कि सीधे तौर पर खिलाड़ियों और उनके अभिभावकों के भविष्य से जुड़ा प्रश्न है। यदि सरकार और प्रशासन समय रहते संज्ञान नहीं लेते हैं तो इससे योगासन खेल की साख को गहरा आघात पहुँचेगा। संघ ने माननीय आयुष, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री श्री यादविन्दर गोम्मा जी को सौंपे ज्ञापन में आरोप लगाया कि हिमाचल योगा एसोसिएशन नामक संगठन बिना किसी वैध पंजीकरण और मान्यता के प्रदेशभर में सक्रिय है। यह संगठन स्वयं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महासंघों से जुड़ा बताकर भोले-भाले खिलाड़ियों से फीस वसूलता है और उन्हें ऐसे प्रमाण पत्र जारी करता है जिनकी कोई आधिकारिक मान्यता नहीं होती। खिलाड़ियों और उनके परिवारों को इस भ्रम में रखा जा रहा है कि ये सर्टिफिकेट उनके भविष्य को संवारेँगे जबकि वास्तविकता इसके विपरीत है। संयुक्त सचिव श्री विनोद कुमार ने स्पष्ट किया कि यह संगठन हिमाचल प्रदेश सोसायटीज़ रजिस्ट्रेशन एक्ट, 2006 के अंतर्गत पंजीकृत नहीं है। न ही इसे हिमाचल प्रदेश खेल परिषद से कोई एन.ओ.सी. प्राप्त है। इतना ही नहीं, यह संगठन बिना जिला स्तरीय प्रतियोगिताएं आयोजित किए सीधे “स्टेट चैम्पियनशिप” करवा रहा है। खिलाड़ियों को जो प्रमाण पत्र दिए जा रहे हैं वे अमान्य हैं और उनका उपयोग न तो खेल कोटे में, न छात्रवृत्ति में और न ही किसी सरकारी मान्यता प्राप्त प्रतियोगिता में किया जा सकता है। यह सीधा-सीधा खिलाड़ियों के भविष्य से खिलवाड़ और आर्थिक धोखाधड़ी का मामला है।     संघ ने बताया कि इस अवैध संगठन से जुड़े लोगों में रमन शर्मा (राज्य सचिव), आचार्य महेन्दर शर्मा (अध्यक्ष), वरिंदर चौधरी (अध्यक्ष), योगी रणजीत सिंह (सचिव), प्रिंस मोहन (संगठन सचिव), सुनील कौल (कोषाध्यक्ष) और जिमी ठाकुर (समन्वयक) जैसे नाम प्रमुख हैं। इन सभी ने मिलकर योजनाबद्ध तरीके से खिलाड़ियों और अभिभावकों को गुमराह किया है। कई परिवारों से हजारों रुपये वसूल कर उन्हें ऐसे कागज़ थमा दिए गए हैं जिनका कोई औचित्य ही नहीं। संघ ने यह भी कहा कि खिलाड़ियों और उनके परिवारों को मानसिक और आर्थिक दोनों स्तर पर भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। अभिभावकों ने अपनी गाढ़ी कमाई यह सोचकर खर्च की कि उनके बच्चे को खेल में अवसर और पहचान मिलेगी, परंतु अब वे स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। कई खिलाड़ी रोष में हैं और उनके अभिभावकों ने सरकार से न्याय की गुहार लगाई है। इसके विपरीत, हिमाचल प्रदेश योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन ने अपनी वैधता और मान्यता के दस्तावेज़ भी प्रस्तुत किए। संघ ने बताया कि उसे हिमाचल प्रदेश खेल परिषद से NOC संख्या 5-247/2022-SC-3895-95 दिनांक 4 नवम्बर 2022 को प्राप्त हुई है। साथ ही यह सोसायटीज़ रजिस्ट्रेशन एक्ट के अंतर्गत पंजीकरण संख्या HPCD-11369 दिनांक 13 दिसम्बर 2022 से विधिवत पंजीकृत है। संघ योगासन भारत (पूर्व में राष्ट्रीय योगासन स्पोर्ट्स फेडरेशन) से संबद्ध है, जिसे भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय ने मान्यता दी हुई है। इसके अतिरिक्त, संघ इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन का सहयोगी सदस्य और वर्ल्ड योगासन से भी जुड़ा हुआ है। संघ ने कहा कि मान्यता प्राप्त निकाय होने के नाते खिलाड़ियों के हितों की रक्षा करना उसका पहला कर्तव्य है। इसलिए सरकार से निम्नलिखित कदम उठाने की अपील की गई है – (1) कांगड़ा में होने वाली फर्जी चैम्पियनशिप को तत्काल विचार किया जाए। (2) दोषियों पर एफ.आई.आर. दर्ज कर उन्हें कानून के दायरे में लाया जाए। (3) खिलाड़ियों और अभिभावकों से वसूली गई रकम की जांच कर उन्हें वापिस दिलाई जाए। (4) इस संगठन को ब्लैकलिस्ट कर भविष्य में ऐसे प्रयासों पर रोक लगाई जाए। (5) जन-जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को फर्जी संगठनों से सतर्क किया जाए। संघ ने यह भी कहा कि यह केवल आर्थिक धोखाधड़ी नहीं है बल्कि खिलाड़ियों की जिंदगी और उनके करियर से जुड़ा हुआ मसला है। यदि बच्चों को बार-बार इस प्रकार गुमराह किया जाएगा तो उनकी मेहनत, समय और ऊर्जा व्यर्थ चली जाएगी। ऐसे में राज्य की खेल संस्कृति पर नकारात्मक असर पड़ेगा और योगासन जैसे पारंपरिक खेल की गरिमा धूमिल होगी। गौरतलब हैं कि हिमाचल प्रदेश योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन जो मनायतप्रताप हैं पहले है हमीरपुर में स्टेट चैंपियन करवा चूका हैं, और विनर athletes आलरेडी नेशनल चैंपियनशिप जो कि छत्तीसगढ़ में हो रही हैं वहा पूँछ गए हैं और हिमाचल प्रदेश का गौरव बड़ा रहे हैं.     अंत में संघ ने कहा हैं कि यदि सरकार और प्रशासन समय रहते कदम नहीं उठाते हैं तो यह प्रदेश की खेल संस्कृति के साथ विश्वासघात होगा।   👉 “खिलाड़ियों का भविष्य बचाना हम सबकी जिम्मेदारी है। यदि समय रहते कार्यवाही न हुई तो आने वाली पीढ़ियाँ इसे खेल इतिहास का सबसे बड़ा धोखा मानेंगी।” – हिमाचल प्रदेश योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन                                                                                                             विनोद कुमारसंयुक्त सचिवहिमाचल प्रदेश योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन

राज्यपाल ने डलहौजी में आपदा प्रभावित लोगों को वितरित की खाद्य एवं राहत सामग्री

शिमला   14 सितम्बर, 2025 राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज ज़िला चम्बा के उप-मंडल डलहौज़ी के तहत बनीखेत नगर पंचायत के सभागार में आपदा प्रभावित लोगों को खाद्य एवं…

शिक्षा के क्षेत्र में हिमाचल का स्वर्णिम युगप्रदेश सरकार हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया करवाने के लिए प्रतिबद्ध

14 सितम्बर, 2025  मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश व्यवस्था परिवर्तन के ध्येय के साथ निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। हर क्षेत्र में सार्थक…

हिमाचल, सहकारिता के क्षेत्र में देश का कर रहा पथ प्रदर्शनः उप-मुख्यमंत्री

शिमला   14 सितम्बर, 2025 सहकारी क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण के लिए केंद्र द्वारा प्रायोजित विभिन्न पहलों पर आज शिमला में हिमाचल प्रदेश सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक में सहकारिता राज्य…

प्रधानमंत्री ने 1500 करोड़ रुपए की त्वरित सहायता हिमाचल प्रदेश के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों हेतु जारी की : राज्य मंत्री

चंबा, केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके ने हिमाचल प्रदेश प्रवास के दौरान भरमौर विधानसभा जिला चंबा में जिले के समस्त विभागीय अधिकारियों की विभागवार बैठक लेकर स्थानीय जनसमस्याओं के निराकरण…

एचपीएनएलयू, शिमला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल टेक्नोलॉजीज पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के लिए इंटरनेशनल सोसाइटी ऑन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डिजिटल टेक्नोलॉजीज (आईएसएआईडीटी) के साथ साझेदारी करेगा

शिमला, 13 सितंबर, 2025: हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एचपीएनएलयू), शिमला, प्रो. (डॉ.) प्रीती सक्सेना, माननीय कुलपति, एचपीएनएलयू के नेतृत्व में, 8 नवंबर 2025 को वर्चुअल माध्यम से आयोजित होने वाले कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल प्रौद्योगिकियों पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में अकादमिक भागीदार के रूप में अपने सहयोग की घोषणा करते हुए प्रसन्नता का अनुभव करता है। यह सम्मेलन अंतर्राष्ट्रीय सोसाइटी ऑन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डिजिटल टेक्नोलॉजीज (आईएसएआईडीटी) द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जो प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय संस्थानों द्वारा समर्थित एक विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त निकाय है, जो विभिन्न विषयों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और डिजिटल प्रौद्योगिकियों के जिम्मेदार और नैतिक विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। यह सम्मेलन दुनिया भर के विद्वानों, शिक्षाविदों, पेशेवरों और छात्रों को एआई, डिजिटल प्रौद्योगिकियों और कानून के बीच गतिशील अंतर्संबंध पर महत्वपूर्ण संवाद में शामिल होने के लिए एक मंच प्रदान करना चाहता है। विचार-विमर्श व्यापक विषयों पर केंद्रित होगा, जिनमें एआई का नियामक प्रशासन, उभरती प्रौद्योगिकियों के नैतिक और कानूनी निहितार्थ, डेटा गोपनीयता की चुनौतियाँ, बौद्धिक संपदा अधिकार, मानवाधिकार और कानूनी व्यवहार एवं नीति-निर्माण में एआई का भविष्य शामिल हैं। शैक्षणिक भागीदार के रूप में, एचपीएनएलयू, शिमला, जिसकी स्थापना 2016 में हुई थी और जो अंतःविषयक एवं अभ्यास-उन्मुख कानूनी शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के लिए जाना जाता है, इस महत्वपूर्ण बौद्धिक प्रयास का समर्थन करने में गर्व महसूस करता है। विश्वविद्यालय का दृढ़ विश्वास है कि उभरती प्रौद्योगिकियों द्वारा उत्पन्न चुनौतियों का समाधान करने और समतामूलक एवं सतत विकास के भविष्य को आकार देने के लिए इस तरह के शैक्षणिक सहयोग आवश्यक हैं। महत्वपूर्ण तिथियां: • सारांश प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि: 20 सितंबर 2025 • स्वीकृति की अधिसूचना: 30 सितंबर 2025 • सम्मेलन की तिथि: 8 नवंबर 2025 प्रस्तुति और पंजीकरण विवरण के लिए, इच्छुक प्रतिभागी isaidt.info@gmail.com पर लिख सकते हैं। पीआरओ, एचपीएनएलयू, शिमला 7298500007

कांग्रेस नेता कुशल जेठी ने थामा भाजपा का दामन, डॉ बिंदल ने कराया जॉइन 

भाजपा ने 18000 रहता किट और 42 ट्रक राहत सामग्री आपदाग्रस्त क्षेत्रों में पहुंचने का काम किया : डॉ बिंदल सोलन, कांग्रेस नेता कुशल जेठी ने भाजपा का दामन थाम…

उप-मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय सहकारी सम्मेलन 2025 का किया शुभारंभ

उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज यहां आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सहकारी सम्मेलन 2025 का शुभारंभ करते हुए कहा कि यह सम्मेलन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सहकारिता के पुनर्जागरण का…