धर्मशाला  19 अक्तूबर :  ज़िला निर्वाचन अधिकारी  उपायुक्त  डॉक्टर निपुण जिंदल ने  आज यहां स्थानीय पत्रकारों से वार्ता के दौरान जानकारी देते हुए बताया  कि भारतीय दंड संहिता की धारा 171 ख के अनुसार यदि कोई व्यक्ति निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान धनराशि  या अन्य किसी प्रकार का पारितोषिक प्राप्त करता है या पारितोष्ण  देता है,  जो कि किसी व्यक्ति के मतदान करने के अधिकार में प्रभाव डालता हो,  को  एक साल के कारावास या जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है । इसके अतिरिक्त भारतीय दंड संहिता की धारा 171 ग  के अनुसार यदि कोई व्यक्ति किसी  अभ्यर्थी या   मतदाताओं को या किसी ऐसे व्यक्ति को  जिससे अभ्यर्थी या मतदाता हितबद्ध  है किसी प्रकार की क्षति  करने की धमकी देता है उसको 1 साल के कारावास व जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है ।रिश्वत लेने और देने वालों दोनों के खिलाफ तथा मतदाताओं को डराने और धमकाने में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध मामला दर्ज करने के लिए प्रत्येक विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र  वार उड़नदस्ता  दलों का गठन किया गया है।  उन्होंने समस्त नागरिकों से अनुरोध किया  कि वह निर्वाचन के दौरान किसी भी प्रकार की रिश्वत लेने वह देने से बचें । यदि कोई भी व्यक्ति रिश्वत देता है या रिश्वत देने जाने पर कोई जानकारी रखता है तथा मतदाताओं को डराने और धमकाने में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध मामलों के संबंध में सूचना शिकायत जिला कांगड़ा स्थित  धर्मशाला में स्थापित जिला स्तरीय अनुवीक्षण प्रकोष्ठ में स्थापित 24 × 7 दूरभाष निशुल्क नंबर  1800- 180 – 8013 टोल फ्री नंबर पर सूचित कर सकता है ।