हिमाचल प्रदेश नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (HPNLU), शिमला ने अपनी कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रीती सक्सेना के नेतृत्व में, 31 अक्टूबर 2026 को ‘पहला HPNLU नेशनल यूथ समिट 2026’ सफलतापूर्वक संपन्न किया। HPNLU के ‘इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब’ (ELC) के तत्वावधान में आयोजित इस दो दिवसीय राष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक कार्यक्रम में देश भर के विभिन्न संस्थानों से 53 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मधुसूदन लॉ यूनिवर्सिटी (कटक, ओडिशा) के पूर्व कुलपति और शूलिनी यूनिवर्सिटी (सोलन, हिमाचल प्रदेश) में लॉ फैकल्टी के डीन व प्रोफेसर एमेरिटस, प्रो. (डॉ.) कमल जीत सिंह शामिल हुए। दो दिनों तक चले शैक्षणिक सत्रों, विचार-विमर्श और व्यावहारिक सीखने (एक्सपीरिएंशियल लर्निंग) की प्रक्रियाओं के बाद आयोजित इस समारोह में समिट के उद्देश्यों और परिणामों पर चर्चा करने का अवसर मिला।

अपने संबोधन में मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) कमल जीत सिंह ने लोकतांत्रिक संस्थाओं, संवैधानिक शासन और सार्वजनिक जीवन में युवाओं की भागीदारी के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने प्रतिनिधियों को आलोचनात्मक सोच (क्रिटिकल थिंकिंग), नेतृत्व क्षमता और सामाजिक व राष्ट्रीय जिम्मेदारी की मजबूत भावना विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने युवाओं को सार्थक शैक्षणिक संवाद और व्यावहारिक सीखने का मंच प्रदान करने की HPNLU की पहल की भी सराहना की।

HPNLU, शिमला की कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रीती सक्सेना ने जागरूक, जिम्मेदार और सामाजिक रूप से सचेत नागरिकों को तैयार करने में इस तरह की शैक्षणिक पहलों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने प्रतिनिधियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी की सराहना की और समिट के सफल आयोजन के लिए फैकल्टी सदस्यों, छात्र समन्वयकों और आयोजन टीम के सामूहिक प्रयासों को सराहा।

दो दिवसीय इस समिट में विधायी सिमुलेशन (legislative simulations) और नीतिगत विचार-विमर्श शामिल थे, जिससे प्रतिभागियों को लोकतंत्र, शासन, अंतरराष्ट्रीय मामलों, संवैधानिक मूल्यों और सार्वजनिक नीति से जुड़े समकालीन मुद्दों पर चर्चा करने का अवसर मिला। इन गतिविधियों ने प्रतिनिधियों को बातचीत (negotiation), विचार-विमर्श, नेतृत्व और मिलकर समस्याओं को सुलझाने (collaborative problem-solving) जैसे कौशल विकसित करने और प्रदर्शित करने का मौका दिया।

समापन समारोह में विभिन्न समितियों और श्रेणियों के उत्कृष्ट प्रतिभागियों को पुरस्कार दिए गए और सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद प्रस्ताव (vote of thanks) के साथ हुआ, जिसके बाद राष्ट्रगान और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां हुईं, जो भागीदारी, विविधता और सामूहिक सीखने की भावना का जश्न थीं।

इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब के समन्वयक डॉ. वेद प्रकाश ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। उन्होंने निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग के लिए माननीय कुलपति (Vice-Chancellor) का, बहुमूल्य संबोधन के लिए मुख्य अतिथि का, और समिट की सफलता में योगदान देने वाले संस्थानों व प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने प्रायोजकों – SJVN लिमिटेड और ताशे (Tashay) – द्वारा दिए गए सहयोग के लिए भी धन्यवाद दिया।

‘प्रथम HPNLU नेशनल यूथ समिट 2026’ के सफल समापन ने संवैधानिक साक्षरता, लोकतांत्रिक जागरूकता, युवा नेतृत्व और सार्वजनिक जीवन में सार्थक भागीदारी को बढ़ावा देने के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को फिर से पुष्ट किया। इस समिट ने बौद्धिक आदान-प्रदान और सामूहिक रूप से सीखने के लिए एक बेहतरीन मंच प्रदान किया, जिससे लोकतांत्रिक शासन के भविष्य को आकार देने में युवाओं की भूमिका और मजबूत हुई। यह समिट इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब के समन्वयक डॉ. वेद प्रकाश और उनकी टीम के समन्वय में आयोजित की गई थी।

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