शिमला 28 सितम्बर, 2026

प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि है कि हिमाचल प्रदेश के हिमाच्छादित क्षेत्रों में जनगणना-2027 के द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना) का कार्य 01 सितम्बर 2026 से 30 सितम्बर, 2026 तक सम्पन्न किया जा रहा है।
उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे जनगणना कर्मियों (प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों) को पूर्ण सहयोग प्रदान करें, यथार्थ एवं पूर्ण जानकारी प्रदान करना सुनिश्चित करें विशेष रूप से वे स्वयं को वर्तमान निवास स्थान पर जनगणना में पंजीकृत करवाएं ताकि प्रत्येक व्यक्ति की सही गणना हो सके और किसी भी व्यक्ति की गणना न छूट जाए।
उन्होंने कहा कि जनगणना अधिनियम-1948 के प्रावधानों के अंतर्गत जनगणना में संकलित व्यक्तिगत जानकारी पूर्णतया गोपनीय होती है और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों, विकास योजनाओं एवं नीति निर्माण के लिए किया जाता है। इस जानकारी का उपयोग किसी व्यक्ति के विरुद्ध कानूनी साक्ष्य के रूप में नहीं किया जा सकता, न ही ये रिकॉर्ड सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत साझा किया जा सकता है।
जनगणना देश की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जो कि योजना, नीति निर्माण और देश के विकास के लिए अति महत्वपूर्ण है। इसलिए यह आवश्यक है कि जनगणना का सफल संचालन हो। इस संदर्भ में यह भी आवश्यक है कि जनसंख्या की आवासीय स्थिति की स्पष्ट एवं यथार्थ जानकारी प्राप्त हो।

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