सरकार स्पष्ट करे लाभार्थियों का चयन किस आधार पर होगा, मुख्यमंत्री कार्यालय से तैयार सूची भेजे जाने की चर्चाओं पर भी दे जवाब : डेजी ठाकुर
शिमला, भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्षा डेजी ठाकुर ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर महिलाओं से वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार ने एक बार फिर ₹1500 की चुनावी गारंटी को नए नियमों और सीमित दायरे में बांधकर प्रदेश की महिलाओं को निराश किया है।
डेजी ठाकुर ने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने बड़े-बड़े मंचों से घोषणा की थी कि सरकार बनने पर 18 से 60 वर्ष की सभी महिलाओं को ₹1500 प्रतिमाह दिए जाएंगे। यह कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र की प्रमुख गारंटियों में भी शामिल था।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार को सत्ता में आए लगभग चार वर्ष होने वाले हैं, लेकिन अपनी मूल घोषणा के अनुरूप सभी पात्र महिलाओं तक यह लाभ आज भी नहीं पहुंचा है। प्रदेश सरकार के अपने आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार प्यारी बहना सुख सम्मान निधि के तहत उस समय केवल 35,687 महिलाओं को ₹1500 प्रतिमाह का लाभ मिल रहा था।
डेजी ठाकुर ने कहा कि अब सरकार करीब दो से ढाई लाख महिलाओं तक योजना का विस्तार करने की बात कर रही है। हालिया रिपोर्ट के अनुसार लगभग 1.80 लाख परिवारों की करीब 2.5 लाख महिलाओं को ₹1500 देने की तैयारी है और आठवें चरण तक करीब 2.41 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं।
उन्होंने कहा, “हम मुख्यमंत्री से पूछना चाहते हैं कि जब चुनाव से पहले गारंटी 18 से 60 वर्ष की सभी महिलाओं के लिए थी तो सत्ता में आने के बाद पात्रता और संख्या लगातार क्यों बदली जा रही है? महिलाओं को ₹1500 उनका अधिकार समझकर दिया जा रहा है या राजनीतिक सुविधा देखकर लाभार्थियों का चयन किया जा रहा है?”
डेजी ठाकुर ने कहा कि भाजपा महिला मोर्चा के संज्ञान में ऐसी चर्चाएं भी आई हैं कि लाभार्थियों के चयन को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय से तैयार सूचियां भेजी जा रही हैं। यदि इसमें कोई सच्चाई नहीं है तो सरकार को तत्काल स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और लाभार्थियों के चयन की पूरी प्रक्रिया तथा पात्रता मानदंड सार्वजनिक करने चाहिए।
उन्होंने कहा, “₹1500 किसी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता का विशेषाधिकार नहीं हो सकता। यह प्रदेश की महिलाओं से किया गया चुनावी वादा था। सरकार बताए कि चयन पूरी तरह पारदर्शी तरीके से हो रहा है या नहीं। किस महिला को लाभ मिला, किसका आवेदन अस्वीकार हुआ और उसका आधार क्या है—इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए।”
डेजी ठाकुर ने कहा कि मई 2026 में सरकार द्वारा मंजूर व्यवस्था में प्रथम चरण में करीब दो लाख महिलाओं को लाभ मिलने की बात सामने आई थी और पात्रता में पारिवारिक वार्षिक आय ₹2 लाख से कम होने जैसी शर्तों का उल्लेख किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि चुनाव के समय जब व्यापक गारंटी दी गई थी, तब ये शर्तें जनता के सामने क्यों नहीं रखी गई थीं?
उन्होंने कहा कि भाजपा महिला मोर्चा की मांग है कि कांग्रेस सरकार ₹1500 की मूल चुनावी गारंटी, वर्तमान पात्रता नियम, प्राप्त आवेदनों, स्वीकृत लाभार्थियों और अब तक वितरित कुल राशि का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक करे।
“कांग्रेस सरकार को हिमाचल की महिलाओं को स्पष्ट जवाब देना होगा—2022 में गारंटी सभी महिलाओं के नाम पर मांगी गई थी, तो आज उसका लाभ सीमित क्यों किया जा रहा है? महिलाओं से किया वादा कोई चुनावी नारा नहीं, सरकार की जवाबदेही है।” डेजी ठाकुर ने कहा।
