शिमला 3 सितम्बर, 2026
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री की अध्यक्षता में आज यहां हिमाचल प्रदेश अन्य पिछड़ा वर्ग की 13वीं बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने कहा कि राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तर पर कांग्रेस की सरकारंे हमेशा से ही अन्य पिछड़ा वर्ग के हितों की रक्षा के प्रति समर्पित रही हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के समय ही पंचायतों, नगर निकायों और नगर निगमों में आरक्षण की सुविधा आरम्भ की गई तथा भविष्य में भी आवश्यकतानुसार इस व्यवस्था में वांछित सुधार किए जाएंगे।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार की कल्याणकारी नीतियों एवं संवेदनशील व्यवस्थाओं के फलस्वरूप अन्य पिछड़ा वर्ग ने सदैव ही कांग्रेस सरकार का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ओबीसी वर्ग के कल्याण को पूर्णतः समर्पित हैं। स्वास्थ्य एवं सामाजिक न्याय के क्षेत्रों को सुदृढ़ करने के लिए मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने बीते चार वर्षों मंे हर संभव सहायता प्रदान की है।
डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं आरम्भ की हैं। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना, डॉ. वाई. एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना और इंदिरा गांधी सुख सम्मान निधि योजना जैसी विभिन्न महत्त्वाकांक्षी योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं, जिनसे सभी वर्ग समान रूप से लाभान्वित हो रहे हैं।
उन्होंने ओबीसी प्रमाण-पत्र हर वर्ष बनाने की अनिवार्यता के दृष्टिगत आवश्यक कदम उठाने सहित बैठक में प्रस्तुत विभिन्न मांगों एवं सुझावों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन भी दिया।
इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में त्रि-स्तरीय व्यवस्था में आरक्षण की शुरूआत हुई और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कार्यकाल के समय महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण की शुरूआत की गई। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग के कौशल क्षेत्र से जुड़े लोगों, विशेषकर मंदिर निर्माण का कार्य करने वाले समुदायों को तकनीकी शिक्षा संस्थानों में आरक्षण की सुविधा प्रदान करने पर विचार करेगी।
इस अवसर पर मुख्य सचिव के.के. पंत, सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता सी.पी. वर्मा, निदेशक ईसोमसा सुमित खिमटा, अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण बोर्ड के सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
