जयराम ठाकुर ने कहा कि पूर्व सरकार के समय 37000 से ज्यादा लोगों को सहारा पेंशन मिलती थी। सरकार ने 90% से ज्यादा लोगों को पेंशन के लिए अपात्र घोषित कर दिया। जिसमें से ज्यादातर लोगों को सरकार ने मृत घोषित किया है। आए दिन हमें ऐसे लोग मिलते हैं जो बताते हैं कि उनकी पेंशन रोकने के लिए सरकार ने उन्हें मृत घोषित कर दिया है। यू लव बिस्तर पर हैं, पूरी तरीके से अशक्त हैं, अपना दैनिक कार्य भी बिना मदद के नहीं कर सकते हैं, उन लोगों के साथ सुख सरकार का यह रवैया बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। जरूरतमंद लोगों की मदद करना सरकार का काम है लेकिन यह दुखद है कि सरकार इस मामले में पूर्णतया नाकाम है। सहारा जैसी पेंशन रुकना, पात्र लोगों को अपात्र करना पाप है जिसकी कोई माफी नहीं हो सकती।
