राकेश जमवाल ने कहा कि राजनीति में वैचारिक संघर्ष कितना भी तीखा क्यों न हो, सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री, मुख्यमंत्री अथवा किसी अन्य संवैधानिक या महत्वपूर्ण सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति की नीतियों और निर्णयों की आलोचना की जा सकती है, लेकिन व्यक्तिगत अपमान को राजनीतिक अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष एवं विधिसम्मत जांच की मांग की है। पार्टी को उम्मीद है कि उपलब्ध साक्ष्यों का संज्ञान लेते हुए शीघ्र कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा इस मामले में आवश्यक इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य पुलिस को उपलब्ध करवाएगी और पवन खेड़ा के खिलाफ शिमला में FIR दर्ज कर कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
