शिमला। भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने शिमला शहर के बड़े हिस्से में प्रस्तावित निर्माण प्रतिबंध (कंस्ट्रक्शन बैन) पर प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार का यह निर्णय हजारों लोगों के सपनों पर कुठाराघात है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा इस प्रस्ताव को आपत्तियों एवं सुझावों के लिए आगे भेजा गया है, लेकिन यदि इसे लागू किया गया तो इसका सबसे बड़ा नुकसान उन परिवारों को होगा जिन्होंने वर्षों की मेहनत और जीवनभर की कमाई से शिमला में छोटे-छोटे प्लॉट खरीदे हैं।

संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि प्रस्तावित क्षेत्र में मॉल रोड से लेकर मुख्यमंत्री आवास, छोटा शिमला, संजौली, लक्कड़ बाजार तथा आसपास के विस्तृत क्षेत्र शामिल बताए जा रहे हैं। यदि इन क्षेत्रों में नए निर्माण पर रोक लगाई जाती है तो सैकड़ों प्लॉट मालिक अपने ही भूखंड पर मकान बनाने के अधिकार से वंचित हो जाएंगे।

उन्होंने कहा कि शिमला में प्रत्येक परिवार का सपना होता है कि वह अपनी सामर्थ्य के अनुसार एक छोटा-सा प्लॉट खरीदकर भविष्य में अपना घर बनाए। कई लोगों ने वर्षों पहले जमीन खरीदी थी और अब आर्थिक स्थिति बेहतर होने पर निर्माण की योजना बना रहे हैं। ऐसे समय सरकार का निर्माण प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव आम नागरिकों के साथ अन्याय है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यदि सरकार को वास्तव में निर्माण रोकना है तो पहले उन लोगों के प्लॉट वर्तमान बाजार मूल्य से कई गुना उचित मुआवजे पर अधिग्रहित करने चाहिए। किसी नागरिक की निजी संपत्ति को बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के निष्प्रभावी बनाना न तो न्यायसंगत है और न ही जनहित में।

संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि प्रदेश सरकार पहले ही शिमला के विकास और नियोजन से जुड़े मामलों में असमंजस की स्थिति पैदा कर चुकी है। अब निर्माण प्रतिबंध का प्रस्ताव लाकर लोगों को और अधिक असुरक्षा तथा अनिश्चितता की स्थिति में धकेला जा रहा है। उन्होंने कहा कि शहर में अनुमानित सैकड़ों ऐसे परिवार हैं, जिन्होंने अपनी जीवनभर की बचत से प्लॉट खरीदे हैं और अब उनके सपनों पर संकट खड़ा हो गया है।

उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि प्रस्तावित निर्माण प्रतिबंध पर पुनर्विचार किया जाए, व्यापक जनसुनवाई की जाए तथा प्लॉट मालिकों, स्थानीय निवासियों और विशेषज्ञों की राय लेने के बाद ही कोई अंतिम निर्णय लिया जाए। भाजपा ने स्पष्ट किया कि वह शिमला के नागरिकों के हितों से जुड़े इस मुद्दे को मजबूती से उठाती रहेगी और आम लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर लोकतांत्रिक मंच पर आवाज बुलंद करेगी।

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