शिमला 27 जुलाई, 2026
बागवानी विभाग के प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 के लिए प्रोसेसिंग ग्रेड आम, सिट्रस फलों और सी-ग्रेड सेब की खरीद के लिए मंडी मध्यस्थता योजना लागू करने को मंजूरी दी है। इस योजना का उद्देश्य प्रदेश के फल उत्पादकों को उनकी उपज का उचित मूल्य और बाजार उपलब्ध करवाना है। हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पाद विपणन एवं प्रसंस्करण निगम (एचपीएमसी) के माध्यम से फलों की खरीद की जाएगी। इसके अतिरिक्त, आवश्यकतानुसार सेब की खरीद में हिमफेड का भी सहयोग लिया जाएगा।
प्रवक्ता ने बताया कि योजना के तहत प्रोसेसिंग ग्रेड सीडलिंग, ग्राफ्टेड और कच्चे अचारी किस्म के आम की खरीद 12 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से 15 जुलाई, 2026 से 31 अगस्त, 2026 तक की जाएगी। आम की खरीद और ढुलाई 20 किलोग्राम क्षमता के रिसाइकलेबल प्लास्टिक क्रेट में की जाएगी। किसान अपनी उपज किसी भी उपयुक्त पैकिंग में ला सकते हैं तथा इन क्रेटों को किसानों को वापिस कर दिया जाएगा। प्रदेश में आम की खरीद के लिए 42 संग्रहण केन्द्र बनाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि प्रोसेसिंग ग्रेड किन्नू, माल्टा और संतरा की खरीद 12 रुपये प्रति किलोग्राम, जबकि गलगल की खरीद 10 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से की जाएगी। इन फलों की खरीद 21 नवंबर, 2026 से 15 फरवरी, 2027 तक होगी। किन्नू, माल्टा और संतरा की खरीद 15 किलोग्राम क्षमता वाले प्लास्टिक क्रेट में तथा गलगल की खरीद 40 किलोग्राम के जूट के बैग में की जाएगी।
प्रवक्ता ने बताया कि योजना के तहत अधिकतम 1.50 लाख मीट्रिक टन सी-ग्रेड सेब की खरीद 12 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से 1 अगस्त, 2026 से 31 अक्तूबर, 2026 तक की जाएगी। सेब की खरीद 35 किलोग्राम के जूट के बैग में की जाएगी। इसके अतिरिक्त, आवश्यकतानुरूप ढुलाई के लिए 16 किलोग्राम क्षमता वाले रिसाइकलेबल प्लास्टिक क्रेट को प्राथमिकता दी जाएगी। किसान अपनी उपज किसी भी उपयुक्त पैकिंग में ला सकते हैं और परिवहन के दौरान फलों की गुणवत्ता बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि केवल 51 मिलीमीटर से अधिक आकार और निर्धारित गुणवत्ता मानकों वाले सेब ही खरीदे जाएंगे। सड़े-गले, पक्षियों द्वारा खाए हुए, अधिक रोगग्रस्त, कीटग्रस्त, सिकुड़े हुए या एथेफोन से उपचारित सेब योजना के तहत स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
प्रवक्ता ने बताया कि पंजीकृत किसान ही इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। इसके लिए एचपीएमसी एमआईएस पोर्टल पर पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। किसान निर्धारित गुणवत्ता वाले फलों को ही अधिसूचित खरीद केंद्रों पर ला सकते हैं। योजना के नियमों के अनुसार किसानों को खरीद के समय वाष्पीकरण और अन्य वजन की कमी की भरपाई के लिए कुल वजन का 2.5 प्रतिशत अतिरिक्त फल भी देना होगा।
प्रवक्ता ने सभी पात्र फल उत्पादकों से समय पर पंजीकरण करवाने और योजना का पूरा लाभ उठाने की अपील की है। अधिक जानकारी और पंजीकरण के लिए किसान अपने नजदीकी बागवानी कार्यालय या अधिसूचित खरीद केंद्र से संपर्क कर सकते हैं।
