18 विद्यालयों में तीनों संकाय शुरू करने की अधिसूचना जल्द जारी होगी
शिमला 17 मई, 2026
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के निर्देशों पर शिक्षा विभाग राज्य के सीबीएसई से संबद्ध 156 नए विद्यालयों में कला, विज्ञान और वाणिज्य तीनों संकाय शुरू करने की प्रक्रिया अंतिम चरण पर है। मुख्यमंत्री ने हाल ही में शिक्षा विभाग से विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी, जिसमें सामने आया कि 156 विद्यालयों में से 18 विद्यालयों में वर्तमान में तीनों संकाय उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने विभाग को निर्देश दिए कि सभी सीबीएसई संबद्ध विद्यालयों में विद्यार्थियों को सभी विषय विकल्प उपलब्ध करवाए जाएं।
चिन्हित विद्यालयों में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय किहाड़, बाड़ा, बड़सर, बतरान, सोहारी, चढ़ियार, कुंसल, लोहारली, सलेटी, कोलनी ढलवान, अपर लंबागांव, निचार, सराहन (कुल्लू), बलदेयां, सैंज, ननखड़ी, कफोटा और बधेड़ा शामिल हैं। इन विद्यालयों में वाणिज्य अथवा विज्ञान संकाय उपलब्ध नहीं था। शैक्षणिक ढांचे को मजबूत करने और विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से अब इन सभी विद्यालयों में इसी शैक्षणिक सत्र से विज्ञान और वाणिज्य संकाय शुरू किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री के निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए शिक्षा विभाग ने इन संकायों को सुचारू और प्रभावी ढंग से शुरू करने के लिए सभी आवश्यक प्रक्रियाएं और औपचारिकताएं शुरू कर दी हैं। इस संबंध में विस्तृत अधिसूचना शीघ्र जारी की जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण व्यापक शिक्षा के अवसर प्रदान करना है। राज्य सरकार पहले ही 156 विद्यालयों को सीबीएसई पैटर्न के तहत संचालित करने को मंजूरी दे चुकी है। यह हिमाचल प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की व्यापक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शिक्षा विभाग को यह भी निर्देश दिए हैं कि इन संस्थानों में आवश्यक शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि विद्यार्थियों को बेहतरीन शैक्षणिक वातावरण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
राज्य सरकार के सीबीएसई से संबद्ध 156 स्कूलों को संचालित करने के फैसले को उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है और छात्र नामांकन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। यह सीबीएसई स्कूल विद्यार्थियों के समग्र विकास पर केंद्रित गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करेंगे, जिसमें पढ़ाई के साथ-साथ खेल, संगीत और कला जैसी सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों पर भी समान बल दिया जाएगा।
