शिमला: ​हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा प्रदेश का बजट पेश किए जाने से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी विधायक दल ने सरकार की नीतियों, विशेषकर हाल ही में बढ़ाए गए एंट्री टैक्स के खिलाफ सदन के बाहर और भीतर जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के नेतृत्व में एकजुट हुए विपक्ष ने सरकार पर आम जनता और व्यापारी वर्ग पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने का गंभीर आरोप लगाते हुए इस टैक्स वृद्धि को तत्काल वापस लेने की मांग उठाई।

प्रदर्शन के दौरान भाजपा विधायकों ने नारेबाजी करते हुए स्पष्ट किया कि एंट्री टैक्स में की गई भारी वृद्धि न केवल परिवहन क्षेत्र को प्रभावित करेगी, बल्कि इसके दूरगामी परिणाम महंगाई के रूप में आम आदमी की रसोई तक पहुंचेंगे। जयराम ठाकुर ने तर्क दिया कि कमर्शियल वाहनों पर लगने वाले इस अतिरिक्त कर से माल ढुलाई और परिवहन लागत में सीधा इजाफा होगा, जिससे बाजार में रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ना तय है।

विपक्ष ने सरकार की इस नीति को ‘जनविरोधी’ करार देते हुए चेतावनी दी कि हिमाचल द्वारा उठाए गए इस कदम से पड़ोसी राज्यों के साथ भी व्यापारिक संबंधों में तनाव आ सकता है। विशेष रूप से पंजाब का संदर्भ देते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यदि हिमाचल सरकार अपनी सीमाओं पर कर बढ़ाती है, तो जवाबी कार्रवाई में अन्य राज्य भी हिमाचल की गाड़ियों पर भारी टैक्स लगा सकते हैं, जिससे राज्य का अंतर्राज्यीय व्यापार पूरी तरह चरमरा जाएगा और स्थानीय ट्रांसपोर्टरों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। भाजपा विधायक दल ने विधानसभा परिसर में प्रदर्शन करते हुए सरकार से मांग की कि बजट भाषण से पूर्व ही इस जनविरोधी निर्णय को वापस लेकर जनता की चिंताओं का समाधान किया जाए, अन्यथा पार्टी इस मुद्दे को लेकर सड़क से सदन तक अपना आंदोलन और अधिक तेज करेगी।

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