जयराम ठाकुर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने बीते कल सदन में तीन बार झूठ बोला इसके दस्तावेज हमारे पास हैं। मुख्यमंत्री ने पहली बात कही की भारतीय जनता पार्टी के विधायकों को वित्त सचिव द्वारा पत्र नहीं लिखा गया जबकि 4 फरवरी को पत्र लिखा गया था और हमने वह बात विधानसभा में रखी है। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कहा कि सीपीएस को बचाने की पूरी लड़ाई में पैसा नहीं खर्च किया। ज्यादातर बिलों के भुगतान सरकार ने गुप्त रखे हैं लेकिन हमने एक दस्तावेज सदन में रखे हैं जिसमें सिर्फ एक हियरिंग के बदले दो वकीलों को 1.43 करोड़ का भुगतान किया है पूरी कानूनी लड़ाई का कितना खर्च हुआ, इसे सरकार को बताना चाहिए। इसी तरह मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्र की सड़कों को बहाल करने के लिए अपने केंद्रीय मंत्री को कोई पत्र नहीं लिखा।  इस मामले में भी मुख्यमंत्री पूरी तरह झूठ बोल रहे थे केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को हमने विभाग द्वारा उपलब्ध करवाए गए डीपीआर  को 25 जुलाई को पत्र लिख कर हिमाचल प्रदेश को मदद करने का निवेदन किया था। हमारे निवेदन को स्वीकार करते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हमें पत्र लिखकर अवगत भी करवाया था।

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