जयराम ठाकुर ने पंचायत चुनाव पर सरकार की तैयारी में हीला हवाली को लेकर मुख्यमंत्री से सीधे सवाल करते हुए कहा कि अंतिम तिथि निकल जाने के बाद भी अभी तक 12 में से 10 जिलों में मतदाता सूची का प्रकाशन नहीं हो पाया है। माननीय उच्च न्यायालय के आदेश पर सरकार भले ही पंचायत चुनाव करने को राजी हो गई है लेकिन सरकार द्वारा जानबूझकर चुनाव की प्रक्रिया में देरी की जा रही है। माननीय न्यायालय के आदेश और राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश के  भी पंचायत चुनाव मतदाता सूची का प्रकाशन न होना सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करती है। माननीय न्यायालय के आदेशों की अवहेलना और पंचायत चुनाव में देरी कर प्रदेशवासियों के संवैधानिक अधिकारों को छीनने का यह प्रयास मुख्यमंत्री महोदय स्वयं कर रहे हैं या उनके अधीनस्थ अधिकारी? इसका जवाब भी मुख्यमंत्री को देना चाहिए। सरकार  और प्रशासन द्वारा पंचायत चुनाव की प्रक्रियाओं में इस देरी के पीछे मुख्यमंत्री की वह टिप्पणी भी है जो उन्होंने माननीय न्यायालय के फैसले पर की थी।

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