जयराम ठाकुर ने कहा कि आए दिन अखबारों में नशे के ओवरडोज से होने वाली मौत की खबरें छपती हैं। ऐसी ख़बरें देखकर क्या बीतती है, वह बयान करना मुश्किल हैं। चिट्टा महामारी की तरह प्रदेश के कोने-कोने में फ़ैल रहा है और सरकार सिर्फ़ इवेंट और अख़बारों की हैडलाइन मैनेजमेंट में व्यस्त है। पुनर्वास केंद्र के नाम पर सरकार की कोई व्यवस्था नहीं है। निजी पुनर्वास केंद्रों में लोग अपनी गाढ़ी कमाई भी खर्च करते हैं लेकिन वहाँ पर इलाज के नाम पर मारपीट और हिंसा होती है। मुख्यमंत्री जी लोग नशे से मर रहे हैं, इसी साल मरने वालों की संख्या तीस से ज़्यादा बताई जा रही है। वास्तविक संख्या और भी भयावह होगी। देवभूमि में चिट्टे के लिए कोई स्थान नहीं है। इस महामारी से निपटने के लिए सरकार सख़्त से सख़्त कदम उठाए। भाजपा हर तरह से सरकार के साथ है। नशे से होने वाली मौतों और नशे  के चपेट  में जा रहे युवाओं को बचाने के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।