जयराम ठाकुर ने कहा कि बड़सर पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में मुख्यमंत्री ने जाने का कार्यक्रम पहले से रखा था। उनके नेताओं ने स्थानीय लोगों को सीएम से मिलवाने के लिए सैकड़ों लोगों को बुला रखा था। लेकिन लोगों की भारी संख्या देखकर मुख्यमंत्री उनसे मिलने के बजाय सीधे शिमला निकल गए? सैकड़ों की संख्या में वहां बुजुर्ग लोग भी आए थे। वहाँ उनका इंतज़ार दिव्यांग भी कर रहे थे लेकिन सीएम साहब को उनकी न तो फ़रियाद सुननी थी और न ही उनके किसी सवाल का जवाब देना था। वहाँ जो भी बुज़ुर्ग और दिव्यांग आए थे उनका सरकार से यही सवाल था कि उनकी क्यों पेंशन बंद है, क्यों नहीं आ रही है। उनकी सहारा पेंशन क्यों नहीं आ रही है? मुख्यमंत्री भले ही उनसे मिले बिना चले गए लेकिन उनके सवाल सरकार का पीछा नहीं छोड़ेंगे। मुख्यमंत्री बताएं कि लोगों को वृद्धा पेंशन क्यों नहीं मिल रही समय से? लोगों की सहारा पेंशन छीनकर उन्हें बेसहारा क्यों बनाया गया है?