जयराम ठाकुर ने लगभग 35 हजार करोड़ की लागत से दलहन आत्मनिर्भरता मिशन और प्रधानमंत्री धन धान्य योजना शुरुआत करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए सभी देश वासियों को बधाई दी है।  उन्होंने कहा कि दलहन आत्मनिर्भरता मिशन, ये सिर्फ दाल उत्पादन बढ़ाने का मिशन नहीं है, बल्कि हमारी भावी पीढ़ी को सशक्त बनाने का भी अभियान है। बीते 11 वर्षों से सरकार का निरंतर प्रयास रहा है कि किसान सशक्त हो, खेती पर ज्यादा निवेश हो। किसानों को इससे बेहतर बीज, भंडारण सुविधाएं और उपज की सुनिश्चित खरीद से सीधा लाभ मिलेगा। 24000 करोड़ रुपये की पीएम धन धान्य कृषि योजना का उद्देश्य सिंचाई सुविधा बढ़ाना, फसल उत्पादकता को बढ़ावा देना और किसानों को ऋण प्रदान करना है। देश के 100 कम उत्पादकता वाले जिलों को इस योजना से लाभ मिलेगा। इसमें हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर को भी शामिल किया गया है। दिवाली से पहले पीएम की इस सौगात से दिवाली की खुशियां दुगुनी हो गई है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि पीएम धन धान्य कृषि योजना के तहत केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक चयनित जिलों को राष्ट्रीय औसत तक लाया जाए। देशभर के जिन 100 आकांक्षी जिलों को इस योजना के लाभ के लिए शामिल किया गया है। उन्हें 11 मंत्रालयों की 36 से ज्यादा योजनाओं का भी लाभ मिलेगा। लगभग है कि 1.7 करोड़ किसानों को धन धान्य कृषि योजना का लाभ मिलेगा। इससे योजना की व्यापकता और प्रभाव का अंदाजा लगाया जा सकता है।