शिमला शहर और जिला भगवान भरोसे छोड़ने का आरोप, पर्यटन सीजन में ट्रैफिक प्रबंधन के लिए स्थायी कार्ययोजना बनाए सरकार और प्रशासन : कंवर
शिमला। भाजपा प्रदेश सह मीडिया प्रभारी एवं प्रवक्ता प्यार सिंह कंवर ने राजधानी शिमला की यातायात व्यवस्था को लेकर प्रदेश की कांग्रेस सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि शहर में जाम की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है और आम जनता को छोटी-सी दूरी तय करने में भी लंबा समय लग रहा है।
कंवर ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के रोहड़ू और रामपुर दौरे के दौरान प्रशासनिक अमले का ध्यान राजधानी की रोजमर्रा की व्यवस्थाओं से हट गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का रोहड़ू और रामपुर का दो दिवसीय दौरा चल रहा है, लेकिन किसी भी वीआईपी दौरे के दौरान राजधानी की यातायात और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं प्रभावित नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री के रोहड़ू-रामपुर दौरे की पुष्टि सार्वजनिक रिपोर्टों में भी हुई है।
उन्होंने कहा कि शनिवार को शिमला के सर्कुलर रोड पर सुबह से भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति रही। लिफ्ट के पास स्थित पार्किंग सुबह करीब 11 बजे ही भर गई और वाहनों की कतारें लिफ्ट से टॉलैंड तक पहुंच गईं। विधानसभा से बालूगंज के बीच भी यातायात प्रभावित रहा। वीकेंड और छुट्टियों के कारण पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में पर्यटक शिमला पहुंचे हैं।
कंवर ने कहा, “पर्यटकों का शिमला आना हमारे पर्यटन व्यवसाय के लिए अच्छी बात है, लेकिन पर्यटकों की संख्या बढ़ना प्रशासन के लिए अचानक आने वाली परिस्थिति नहीं है। वीकेंड और छुट्टियों में यातायात का दबाव बढ़ने की जानकारी पहले से होती है, इसलिए सरकार और प्रशासन को अग्रिम ट्रैफिक प्लान तैयार रखना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि शुक्रवार को ढली क्षेत्र में सड़क पर पैचवर्क और टारिंग के कारण भी यातायात प्रभावित हुआ था। स्थिति यह रही कि कुफरी से भट्टाकुफर तक पहुंचने में लोगों को एक से डेढ़ घंटे का समय लगा, जिसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा और वाहनों को ढली बाईपास से डायवर्ट किया गया।
कंवर ने कहा कि शिमला में ट्रैफिक जाम अब कभी-कभार होने वाली समस्या नहीं रह गई है। संजौली, ढली, लक्कड़ बाजार, विक्ट्री टनल, बालूगंज, टॉलैंड, लिफ्ट और सर्कुलर रोड जैसे प्रमुख क्षेत्रों में यातायात दबाव के लिए सरकार को दीर्घकालीन और व्यावहारिक योजना तैयार करनी चाहिए।
उन्होंने कहा, “शिमला प्रदेश की राजधानी होने के साथ अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल भी है। यदि यहां आने वाले पर्यटक घंटों जाम में फंसेंगे और स्थानीय लोगों को अपने कार्यालय, अस्पताल, स्कूल या घर पहुंचने में घंटों लगेंगे तो इसका सीधा प्रभाव शहर की छवि और पर्यटन कारोबार पर भी पड़ेगा।”
कंवर ने कहा कि शुक्रवार को शिमला के होटलों में ऑक्यूपेंसी करीब 70 प्रतिशत तक पहुंचने की रिपोर्ट सामने आई थी। ऐसे में प्रशासन को पहले से अंदाजा था कि वीकेंड पर शहर में पर्यटक वाहनों का दबाव और बढ़ सकता है।
उन्होंने कहा कि सवाल केवल पुलिस कर्मचारियों की संख्या का नहीं बल्कि बेहतर ट्रैफिक प्लानिंग, पार्किंग प्रबंधन, सड़क कार्यों की टाइमिंग, वैकल्पिक मार्गों, सार्वजनिक परिवहन और वीआईपी मूवमेंट के दौरान प्रशासनिक समन्वय का भी है।
प्यार सिंह कंवर ने मांग की कि सरकार और जिला प्रशासन वीकेंड एवं पर्यटन सीजन के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान सार्वजनिक करें, प्रमुख जाम वाले स्थानों पर पर्याप्त यातायात पुलिस तैनात करें, सड़क मरम्मत एवं टारिंग जैसे कार्यों को यथासंभव कम ट्रैफिक वाले समय में करवाएं और पार्किंग भरने की स्थिति में पर्यटकों को पहले ही वैकल्पिक पार्किंग की जानकारी देने की व्यवस्था विकसित करें।
उन्होंने कहा, “शिमला को भगवान भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। मुख्यमंत्री और सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके दौरों और कार्यक्रमों के साथ-साथ राजधानी की सामान्य प्रशासनिक व्यवस्था भी पूरी क्षमता से चलती रहे। जनता को सुचारू यातायात और व्यवस्थित प्रशासन देना सरकार की जिम्मेदारी है।”
