हमीरपुर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने हमीरपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी अपने संगठन को निरंतर मजबूत करने और उसे बूथ स्तर तक सक्रिय रखने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा के संगठनात्मक ढांचे के पुनर्गठन के बाद अब पार्टी का पूरा ध्यान जमीनी स्तर के संगठन को और प्रभावी बनाने पर है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि भाजपा ने प्रदेश के पूर्व के 74 मंडलों का पुनर्गठन करते हुए 171 मंडलों का गठन किया है और संगठनात्मक दृष्टि से 17 जिलों की संरचना बनाई है। इसके साथ करीब 8,000 पोलिंग बूथों पर संगठनात्मक गठन किया गया है। मोर्चों और प्रकोष्ठों की संरचना भी पूरी करने के बाद अब बूथ संगठन को सक्रिय और मजबूत करने का अगला चरण शुरू किया गया है।
उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से हमीरपुर में भाजपा का दो दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किया जा रहा है। इसमें 171 मंडलों के लिए 171 विस्तारक तैयार किए जा रहे हैं। ये विस्तारक अपने-अपने मंडलों में जाकर मंडल अध्यक्ष और स्थानीय संगठन के साथ मिलकर बूथ स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करेंगे।
बिंदल ने कहा, “हमारा स्पष्ट मानना है कि राजनीतिक संगठन की वास्तविक ताकत बूथ पर होती है। लगभग 8,000 बूथों पर प्रत्येक महीने बैठक करने का प्रावधान है और वर्तमान में करीब 6,000 से 7,000 बूथों पर नियमित मासिक बैठकें हो रही हैं। इन्हें और मजबूत तथा प्रभावी बनाने के लिए यह प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किया गया है।”
₹600 करोड़ की नई उधारी पर उठाए सवाल
डॉ. बिंदल ने प्रदेश सरकार की वित्तीय स्थिति को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार एक बार फिर ₹600 करोड़ का कर्ज लेने जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में ऋण का बोझ लगातार बढ़ा है, लेकिन धरातल पर जनता को उसके अनुरूप सुविधाएं दिखाई नहीं दे रही हैं।
प्रदेश सरकार द्वारा ₹600 करोड़ की नई उधारी लिए जाने की अधिसूचना जारी हुई है। इसके साथ वित्त वर्ष 2026-27 में घोषित बाजार उधारी लगभग ₹4,800 करोड़ तक पहुंच रही है। नई उधारी 7.78 प्रतिशत ब्याज वाली हिमाचल प्रदेश राज्य सरकार प्रतिभूति के पुनर्निर्गम के माध्यम से जुटाई जा रही है और इसकी परिपक्वता जून 2044 में होगी।
बिंदल ने अपने बयान में दावा किया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में ली गई उधारी ₹45,000 करोड़ से अधिक हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार को प्रदेश की जनता के सामने स्पष्ट करना चाहिए कि कर्ज के माध्यम से जुटाई गई राशि का कितना हिस्सा विकास कार्यों पर और कितना हिस्सा प्रतिबद्ध देनदारियों पर खर्च हुआ है।
उन्होंने प्रदेश की ग्रामीण एवं संपर्क सड़कों की स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कई स्थानों पर सड़कों की हालत खराब है। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, राष्ट्रीय राजमार्ग, फोरलेन और केंद्रीय सड़क परियोजनाओं में केंद्र सरकार की वित्तीय भूमिका का उल्लेख किया।
प्रचार पर ₹1,000 करोड़ खर्च करने का आरोप
डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार ने अपने कार्यकाल में प्रचार-प्रसार पर लगभग ₹1,000 करोड़ खर्च किए हैं। यह भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का आरोप है; इस कुल राशि की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
उन्होंने किशाऊ बांध परियोजना के प्रचार पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने इस परियोजना को लेकर बड़े स्तर पर होर्डिंग और प्रचार सामग्री लगाई। उन्होंने कहा कि सरकार को प्रचार खर्च का विभागवार और अभियानवार विवरण सार्वजनिक करना चाहिए।
बिंदल ने कहा, “जब प्रदेश का गरीब व्यक्ति इलाज के खर्च को लेकर परेशान है, कर्मचारी और पेंशनर अपने वित्तीय देयों की बात कर रहे हैं और जनता मूलभूत सुविधाओं को लेकर सवाल पूछ रही है, तब सरकार को यह बताना चाहिए कि प्रचार पर कितना पैसा खर्च किया गया और उसकी आवश्यकता क्या थी।”
उन्होंने हिमकेयर और आयुष्मान भारत के तहत उपचार तथा अस्पतालों की लंबित देनदारियों का विषय भी उठाया और सरकार से अस्पतालों को लंबित भुगतान की वर्तमान स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की।
जिला परिषद चुनावों का किया उल्लेख
डॉ. बिंदल ने हाल में हुए जिला परिषद अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की 12 जिला परिषदों में से 11 में चुनाव प्रक्रिया पूरी हुई और उनमें 10 जिला परिषदों में भाजपा समर्थित अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बने हैं। यह परिणाम सार्वजनिक रिपोर्टों में भी दर्ज है; चंबा एकमात्र जिला परिषद रही जहां कांग्रेस समर्थित अध्यक्ष-उपाध्यक्ष बने।
उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की 92 बीडीसी में से अब तक 87 में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष का चुनाव पूरा हुआ है और इनमें 60 में भाजपा समर्थित नेतृत्व बना है। उन्होंने हमीरपुर का उल्लेख करते हुए कहा कि जिले की छह बीडीसी में से पांच में चुनाव प्रक्रिया पूरी हुई है और इनमें चार में भाजपा समर्थित अध्यक्ष-उपाध्यक्ष बने हैं। इन बीडीसी आंकड़ों को बिंदल के बयान के रूप में रखा गया है।
बिंदल ने कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जिले हमीरपुर में जिला परिषद स्तर पर कांग्रेस की स्थिति पर भी पार्टी सवाल उठा रही है। उन्होंने नादौन बीडीसी और हमीरपुर नगर निगम चुनाव प्रक्रिया को लेकर सरकार पर राजनीतिक देरी का आरोप लगाया।
एफआईआर और बढ़ते शुल्कों को लेकर सरकार पर निशाना
बिंदल ने आरोप लगाया कि सरकार राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ एफआईआर को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने इसे “एफआईआर वाली सरकार” बताते हुए कहा कि लोकतंत्र में सरकार की आलोचना करने वाले राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ कानून का इस्तेमाल निष्पक्ष और समान मानकों पर होना चाहिए।
उन्होंने स्टांप ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन शुल्क, बिजली, बस किराये, राशन तथा अन्य शुल्कों में बढ़ोतरी का विषय भी उठाया। हिमाचल सरकार ने 2026 में Indian Stamp (Himachal Pradesh Amendment) Bill पेश किया था, जिसमें Stamp Act की Schedule I-A में संशोधन प्रस्तावित किए गए थे।
बिंदल ने कहा कि सरकार को प्रत्येक संशोधित शुल्क की पुरानी और नई दर जनता के सामने स्पष्ट रूप से रखनी चाहिए ताकि लोगों को वास्तविक वित्तीय प्रभाव की जानकारी मिल सके।
चुनावी गारंटियों पर सरकार से मांगा जवाब
डॉ. बिंदल ने कांग्रेस की विधानसभा चुनाव के समय दी गई गारंटियों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने महिलाओं को ₹1,500 प्रतिमाह, युवाओं को रोजगार, बिजली उपभोक्ताओं को राहत तथा दूध खरीद से संबंधित वादों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार को चार वर्षों की गारंटीवार प्रगति रिपोर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कितनी महिलाओं को ₹1,500 की सहायता मिल रही है, कितने युवाओं को नियमित सरकारी रोजगार मिला, कितने उपभोक्ताओं को घोषित बिजली राहत का लाभ मिला और दूध खरीद योजना से कितने पशुपालक लाभान्वित हुए—सरकार इन सभी विषयों पर स्पष्ट आंकड़े जारी करे।
भाजपा में गुटबाजी के सवाल को किया खारिज
मीडिया द्वारा भाजपा के भीतर अलग-अलग नेताओं और कथित गुटों को लेकर पूछे गए सवाल पर डॉ. बिंदल ने कहा कि “भारतीय जनता पार्टी एक थी, एक है और एकजुट होकर आगे बढ़ रही है।”
उन्होंने कहा कि भाजपा में पुराने और नए सभी कार्यकर्ताओं का समावेश है और पार्टी संगठन सामूहिक रूप से काम कर रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री की ओर से भाजपा में कथित गुटबाजी संबंधी बयानों को राजनीतिक बयान बताते हुए खारिज किया।
फोरलेन हिमाचल के भविष्य की लाइफलाइन
राष्ट्रीय राजमार्ग और फोरलेन परियोजनाओं में निर्माण गुणवत्ता से जुड़े सवाल पर डॉ. बिंदल ने कहा कि गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए।
उन्होंने चंडीगढ़ से हमीरपुर की यात्रा का उदाहरण देते हुए कहा कि फोरलेन, टनल और फ्लाईओवर बनने से यात्रा समय में बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा-शिमला तथा मटौर-मंडी जैसी फोरलेन परियोजनाएं हिमाचल की भविष्य की कनेक्टिविटी के लिए महत्वपूर्ण हैं और इनके निर्माण में तकनीकी गुणवत्ता तथा सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
महिलाओं के सम्मान पर भाजपा का रुख स्पष्ट : बिंदल
ऊना में एक महिला से संबंधित कथित टिप्पणी और उसके बाद दर्ज एफआईआर पर पूछे गए सवाल पर बिंदल ने कहा कि भाजपा महिलाओं के सम्मान के प्रति पूरी तरह सजग है और महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक व्यक्तिगत टिप्पणी का समर्थन नहीं करती।
उन्होंने संसद द्वारा पारित महिला आरक्षण कानून का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि भाजपा संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने के साथ-साथ प्रदेश में रोजगार, स्वास्थ्य, सड़क, वित्तीय प्रबंधन और जनसुविधाओं से जुड़े विषयों को लगातार उठाती रहेगी।
