जयराम ठाकुर ने एक बार फिर से कार्यवाहक मुख्य सचिव की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर मुख्यमंत्री में इतनी असुरक्षा और अविश्वास की भावना क्यों घर कर गई है? प्रदेश में स्थायी मुख्य सचिव की नियुक्ति से वह क्यों कतरा रहे हैं? व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर व्यवस्था का मजाक क्यों बना रहे हैं? पहले भी मुख्यमंत्री ने हास्यास्पद तरीके से मुख्य सचिव को 8 महीने तक कार्यवाहक पद पर रखा और रिटायरमेंट के मात्र 4 दिन पहले स्थायी नियुक्ति दे दी। एक डीजी-स्तर के अधिकारी को भी मुख्यमंत्री ने रिटायरमेंट के कुछ दिन पहले कार्यवाहक डीजीपी को छुट्टी पर भेजकर कार्यवाहक डीजीपी बनाया।
ऐसे में सवाल उठता है कि प्रदेश के आला अधिकारी कार्यवाहक दायित्व पर क्यों काम कर रहे हैं? स्थायी नियुक्ति देने में मुख्यमंत्री को क्या समस्या है? मुख्यमंत्री ने मित्र मंडली को स्थायी और प्रदेश के हित को अस्थायी व्यवस्था पर क्यों छोड़ दिया है?
