जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था बीमार और बदहाल है। हर दिन प्रदेश भर में हजारों लोगों को इलाज के लिए भटकना और तमाम तरीके की परेशानियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन मुख्यमंत्री विश्व स्तरीय स्वास्थ्य व्यवस्था का झूठ बोलकर अपनी जिम्मेदारी से भागते रहते हैं। अस्पतालों में कहीं पर डॉक्टर नहीं है तो कहीं पर दवाई नहीं है, कहीं पर पैथोलॉजिस्ट नहीं हैं तो कहीं पर रेडियोलॉजिस्ट नहीं हैं। जिसके कारण पूरे अस्पताल की व्यवस्था चरमराई रहती है। मुख्यमंत्री एक तरफ रोबोटिक सर्जरी की बात करते हैं, दूसरी तरफ ऑपरेशन थिएटर के टूटे हुए दरवाजे भी मरम्मत की राह देख रहे होते हैं। सामान्य से सामान्य सुविधाओं के लिए भी प्रदेश के लोगों को तरसना पड़ रहा है और मुख्यमंत्री तथा सरकार का पूरा इकोसिस्टम झूठ बोलने में व्यस्त है। केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित योजनाओं के तहत स्वास्थ्य के लिए लगातार पैसा आ रहा है लेकिन सरकार द्वारा उन पैसों का समुचित और व्यवस्थित उपयोग नहीं किया जा रहा है। इसलिए मुख्यमंत्री से आग्रह है कि बड़ी-बड़ी और झूठी बातें करने की बजाय छोटी-छोटी और बेहद जरूरी स्वास्थ्य सुविधाओं का ख्याल रखें।
