शिमला: भाजपा सांसद सुरेश कुमार कश्यप ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा शुरू किया गया निर्यात संवर्धन मिशन (EPM) भारत के निर्यात तंत्र को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी पहल है। उन्होंने कहा कि इस मिशन में विशेष रूप से एमएसएमई, पहली बार निर्यात करने वाले उद्यमों तथा श्रम-प्रधान क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है, जिससे स्थानीय उद्योगों और युवाओं को वैश्विक बाजार तक पहुंच का सुनहरा अवसर मिलेगा।

सांसद कश्यप ने बताया कि ईपीएम के अंतर्गत सात अतिरिक्त हस्तक्षेप शुरू किए गए हैं, जिससे मिशन लगभग पूर्ण रूप से क्रियान्वित होने की दिशा में आगे बढ़ चुका है। यह मिशन दो एकीकृत उप-योजनाओं — ‘निर्यात प्रोत्साहन’ और ‘निर्यात दिशा’ — के माध्यम से लागू किया जा रहा है, जो निर्यातकों को वित्तीय एवं गैर-वित्तीय दोनों प्रकार की सहायता प्रदान करती हैं।

उन्होंने कहा कि यह मिशन व्यापार वित्त, निर्यात अनुपालन, लॉजिस्टिक्स, विदेशी भंडारण और वैश्विक बाजार तक पहुंच के लिए व्यापक सहयोग उपलब्ध कराता है। इससे भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी और ‘मेक इन इंडिया’ को नई गति मिलेगी।

सुरेश कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार निर्यात को देश की आर्थिक प्रगति का प्रमुख आधार बना रही है। ईपीएम जैसे कदम भारत को वैश्विक व्यापार में मजबूत स्थिति दिलाने के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों के उद्योगों को भी अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में सहायक सिद्ध होंगे।

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