जयराम ठाकुर ने सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा के विधायक सुरेंद्र शौरी ने बंजार में अवैध कटान का मामला उठाया था। वहां सैकड़ों हरे पेड़ काटे गए, लेकिन मुक़दमा नहीं दर्ज हुआ। बंजार में 14 करोड़ का मलबा उठाने का बिल पास हुआ था। मामला विधान सभा में उठाया गया। मुख्यमंत्री द्वारा सदन में विजिलेंस इंक्वायरी करवाने का आश्वासन दिया गया। आज तक कार्रवाई नहीं हुई। मंडी मंडल धर्मपुर में हजारों पेड़ काट कर लकड़ी डंप कर दी गई। जांच में एक कांग्रेसी नेता के पत्नी और परिजनों का नाम आया। जांच के शुरू होने के पहले ही लकड़ी खड्ड में फेंक दी गई? आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। क्योंकि मामला सत्ता समर्थित नेता का था। प्रदेश में ऊना, सिरमौर हमीरपुर और कांगड़ा में अवैध खनन के इतने मामले सामने आ रहे हैं। जिससे पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर बर्बाद हो रहा है। सड़क–पुल खतरे में आ रहे हैं, नदियों का प्राकृतिक बहाव बदल रहा है। वहां पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय कार्रवाई करने वाली पुलिस पर ही कार्रवाई की जा रही है। लेकिन भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को प्रतिशोध की भावना के तहत फसाया जा रहा है
