राज्य भर के सरकारी कॉलेजों में होंगे टेस्ट, योग्य छात्रों को मिलेगी मुफ्त कोचिंग
शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार और क्रैक एकेडमी मिलकर 9 अक्टूबर को राज्यव्यापी छात्रवृत्ति परीक्षा ‘मेरे शहर के 100 रत्न’ स्कॉलरशिप प्रोग्राम का दूसरा चरण आयोजित करने जा रहे हैं। यह परीक्षा राज्य के सभी सरकारी और सहायता प्राप्त कॉलेजों में होगी। इसमें हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला और महाराजा अग्रसेन विश्वविद्यालय, बद्दी जैसे प्रमुख शिक्षण संस्थान भी शामिल रहेंगे।
इस योजना का उद्देश्य राज्य के प्रतिभाशाली और योग्य छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे यूपीएससी, एसएससी, डिफेंस, ज्यूडिशियरी, जेईई और नीट की मुफ्त या रियायती कोचिंग देना है। इसके तहत छात्रों को स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रमों और करियर काउंसलिंग की सुविधा भी मिलेगी ताकि वे अपने भविष्य की दिशा तय कर सकें।
कार्यक्रम का पहला चरण मई 2025 में पूरा हुआ था, जिसमें राज्य के 2,500 से अधिक सरकारी और निजी स्कूलों के छात्र शामिल हुए थे। अब दूसरे चरण में यह योजना कॉलेज स्तर तक बढ़ाई जा रही है। योजना के तहत हर विधानसभा क्षेत्र से 100 छात्रों को 100 % मुफ्त कोचिंग दी जाएगी। इनमें से 75 छात्रों का चयन पहले चरण में किया जा चुका है, जबकि बाकी 25 छात्रों का चयन 9 अक्टूबर को होने वाली परीक्षा के आधार पर किया जाएगा। इसके अलावा, अन्य योग्य छात्रों को 75 % और 50 % की छात्रवृत्ति भी दी जाएगी। इस चरण में वही छात्र भाग ले सकेंगे जो किसी सरकारी या सहायता प्राप्त कॉलेज में पढ़ रहे हैं और जिनके परिवार की सालाना आय ₹12 लाख से कम है।
क्रैक एकेडमी के सीईओ और संस्थापक नीरज कंसल ने कहा “मेरे शहर के 100 रत्न’ स्कॉलरशिप प्रोग्राम पहल का मकसद हिमाचल के युवाओं की प्रतिभा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी छात्र की सफलता उसके टैलेंट से तय हो न कि उसके भूगोल या आर्थिक स्थिति से। हमें गर्व है कि हम हिमाचल सरकार के साथ मिलकर राज्य के युवाओं का भविष्य संवारने में योगदान दे रहे हैं।“
क्रैक एकेडमी पिछले 18 वर्षों से छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करा रही है। संस्था अब तक 5ए000 से अधिक छात्रों को सरकारी नौकरियों में चयन दिला चुकी है, जिनमें 1ए000 से ज्यादा चयन न्च्ैब् में हुए हैं। अकादमी ने हिमाचल में 50 से अधिक केंद्र खोले हैं, जहां दिल्ली के अनुभवी शिक्षक छात्रों को कोचिंग दे रहे हैं, ताकि छोटे शहरों के छात्रों को भी महानगरों जैसी तैयारी का मौका मिल सके। इस पहल से हिमाचल प्रदेश के छात्रों की राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है, जिससे राज्य के अधिक युवा प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकेंगे।
